बाल विवाह को लेकर Supreme Court ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा, बाल विवाह रोकने के लिए हमें अवेयरनेस की जरूरत है, सिर्फ सजा के प्रावधान से कुछ नहीं होगा। ..CJI ने कहा, हमने बाल विवाह की रोकथाम पर बने कानून के उद्देश्य को देखा और समझा।

इसमें बिना किसी नुकसान के सजा देने का प्रावधान है, जो अप्रभावी साबित हुआ। हमें जरूरत है अवेयरनेस कैंपेनिंग की। बता दें कि Supreme Court ने 10 जुलाई को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था |ये याचिका सोसाइटी फॉर एनलाइटनमेंट एंड वॉलेंटरी एक्शन ने 2017 में लगाई गई थी…