राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: पहले चरण के नामांकन जारी, AAP ने जारी की 60 उम्मीदवारों की सूची

5 Min Read

राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी होने के साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों से जुड़े सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किए जा रहे हैं। जिला परिषद सदस्य के लिए जिला स्तर पर, जबकि पंचायत समिति सदस्य के लिए उपखंड स्तर पर नामांकन होंगे।

AAP ने जारी की 60 उम्मीदवारों की पहली सूची

पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। पार्टी ने कुल 60 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। इनमें 15 जिला परिषद सदस्य और 45 पंचायत समिति सदस्य के उम्मीदवार शामिल हैं। पार्टी के प्रदेश महासचिव संगठन विश्वेन्द्र सिंह ने जयपुर में सूची जारी करते हुए कहा कि AAP पंचायत चुनाव में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता देगी। वहीं, कांग्रेस और बीजेपी में अभी उम्मीदवारों के नामों को लेकर मंथन जारी है। दोनों प्रमुख दलों में टिकट वितरण को लेकर स्थानीय स्तर पर दावेदारों और संगठन के बीच चर्चा चल रही है। टिकटों की घोषणा आखिरी दौर में किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

13 अक्टूबर तक जिला परिषद और पंचायत समिति के नामांकन

पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर है। इसके बाद 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 15 अक्टूबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसी दिन नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है। इसके बाद पंच और सरपंच पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 24 अक्टूबर को होगी और मतदान 25 अक्टूबर को कराया जाएगा।

जिला प्रमुख और प्रधान पद पर भी नजर

पंचायत चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के साथ जिला प्रमुख और प्रधान के पदों को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। जिला परिषद सदस्यों में से ही जिला प्रमुख और पंचायत समिति सदस्यों में से प्रधान का चुनाव होता है। ऐसे में प्रमुख और प्रधान पद के संभावित दावेदार भी अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। टिकट वितरण को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के सामने बगावत और असंतोष को संभालने की चुनौती भी रहेगी। इसी वजह से दोनों दलों की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा अंतिम दौर में किए जाने की चर्चा है। विवाद वाले क्षेत्रों में सीधे निर्वाचन अधिकारी के पास पार्टी का चुनाव चिन्ह जमा कराने की रणनीति अपनाए जाने की बात भी सामने आ रही है।

आचार संहिता लागू, ग्रामीण इलाकों में नई घोषणाओं पर रोक

पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू है। इसके तहत सरकार ऐसी नई योजनाओं या घोषणाओं को नहीं कर सकती, जिनसे मतदाताओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना हो। तबादलों पर भी प्रतिबंध रहेगा। पहले से स्वीकृत और प्रक्रिया में चल रहे विकास कार्यों को नियमों के तहत जारी रखा जा सकता है, लेकिन नए उद्घाटन, शिलान्यास या ऐसी सरकारी घोषणाएं नहीं की जा सकतीं, जिनका सीधा असर चुनावी माहौल पर पड़े।

1.55 लाख से ज्यादा पंचायतीराज प्रतिनिधि चुने जाएंगे

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार परिसीमन और पुनर्गठन के बाद राजस्थान में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायतें हैं। इनके लिए कुल 1,55,138 निर्वाचन पद निर्धारित हैं। इनमें जिला परिषद के 1,403, पंचायत समिति के 8,245 और ग्राम पंचायतों के 1,30,589 वार्ड शामिल हैं। पंचायतीराज चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है। ऐसे में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के पदों पर चुनी जाएंगी। आयोग के आंकड़ों के अनुसार इस बार पंचायतीराज चुनाव में करीब 4.03 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। राजस्थान में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण के नामांकन शुरू होने के साथ ही गांवों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब राजनीतिक दलों की नजर उम्मीदवारों की अंतिम सूची, नामांकन और उसके बाद होने वाले चुनाव प्रचार पर है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *