मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तैयार लोक कल्याण संकल्प पत्र में परंपरागत उद्योगों को बढ़ावा देने का वादा किया गया था। इसी के तहत 2018 में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना शुरू की गई, जिसने यूपी के निर्यात को ₹86,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ से अधिक कर दिया है2।
उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों पर चीन का सामान बाजारों में छाया रहता था, लेकिन अब ओडीओपी उत्पाद हर घर तक पहुंच रहे हैं और स्थानीय कारीगरों को सीधा लाभ मिल रहा है। 2019 में शुरू की गई विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत परंपरागत कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट और सम्मान दिया जा रहा है4।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 से 29 सितंबर 2025 को नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा6। यह शो प्रदेश के ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन को साकार करने का सशक्त मंच है, जिसमें लाखों लोग सहभागी बनते हैं और बायर-सेलर मीट के जरिए व्यापारिक साझेदारियां बनती हैं।
इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।