जयपुर: रविवार और सोमवार को राजस्थान के कई जिलों में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक स्तर Jaisalmer में 46.4°C तापमान दर्ज किया गया।

राज्य के अन्य हिस्सों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। कोटा और वनस्थली में 45.7°C, चित्तौड़गढ़ में 45.2°C, जोधपुर में 44.7°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि बीकानेर, चूरू और पिलानी में भी पारा 45°C के करीब पहुंच गया। कोटा में अप्रैल माह का पिछले 8 वर्षों में सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया।
देशभर में भी गर्मी का असर
राजस्थान के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी तापमान खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश के Khajuraho में 46°C तापमान दर्ज किया गया, जो पिछले 10 साल में सबसे अधिक है। वहीं वर्धा (46.5°C), अमरावती (46.6°C) और अकोला (46.3°C) में भी भीषण गर्मी दर्ज की गई।
मौसम में अचानक बदलाव
दिनभर की तेज गर्मी के बाद शाम को मौसम ने करवट ली। अजमेर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में धूलभरी हवाओं के साथ बादल छाए और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली।
आंधी-बारिश का अलर्ट
India Meteorological Department ने 27 अप्रैल को राज्य के पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, दिन और रात दोनों समय हीटवेव चलने की संभावना है, जबकि 28 से 30 अप्रैल के बीच कुछ इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
भीषण गर्मी को देखते हुए कई स्थानों पर राहत के इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ हाईवे पर ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है, जबकि कोटा में नगर निगम द्वारा अस्थायी आश्रय स्थल शुरू किए गए हैं।
केंद्र सरकार के निर्देश
बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, राजस्थान में मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है—एक तरफ भीषण लू और दूसरी ओर अचानक बदलता मौसम, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में 1-2 डिग्री और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।