Techie Suicide: अतुल सुभाष की आत्महत्या पर पत्नी Nikita के परिवार ने तोड़ी चुप्पी, गंभीर आरोप लगाए

By Editor
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Nikita

अतुल सुभाष की आत्महत्या: पत्नी Nikita और परिवार पर आरोप, सुसाइड नोट में जवाब

बंगलूरू में इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। उनकी आत्महत्या के बाद, पत्नी Nikita सिंघानिया और उनके परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप सामने आए हैं। विशेषकर, निकिता ने 2022 में अतुल और उसके परिवार के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। हालांकि, अतुल ने अपनी आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में इन सभी आरोपों का जवाब दिया था, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है। इस लेख में हम इस पूरे घटनाक्रम की विस्तार से चर्चा करेंगे, साथ ही उन मुद्दों पर भी बात करेंगे जिनका उल्लेख सुसाइड नोट में किया गया है।

Nikita का आरोप और सुसाइड नोट में अतुल का खंडन

अप्रैल 2022 में, Nikita ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर में अतुल और उसके परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, अतुल और उसके परिवार ने दहेज के लिए उन्हें प्रताड़ित किया और 10 लाख रुपये की मांग की थी। निकिता का दावा है कि अतुल और उसके ससुरालवालों की दहेज की मांग के कारण ही उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि अतुल उन्हें शराब पीकर मारता था और उसकी सारी सैलरी अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था।

हालांकि, अतुल ने अपने सुसाइड नोट में इन सभी आरोपों का खंडन किया था। अतुल ने लिखा, “अगर मैंने उसे पीटा होता तो क्या उसने कभी अदालत में इसका कोई सबूत पेश किया? क्या कभी उसने चोट का कोई निशान दिखाया या किसी गवाह को सामने लाया?” अतुल ने यह भी कहा कि वह एक मजबूत कद-काठी का व्यक्ति था, और अगर उसने निकिता को पीटा होता तो उसकी हड्डियां टूट सकती थीं या शरीर पर चोट के निशान होते।

दहेज की मांग के आरोप पर अतुल का जवाब

Nikita ने अपने पति पर दहेज के लिए 10 लाख रुपये की मांग करने का आरोप लगाया था, लेकिन अतुल ने इस आरोप को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने लिखा, “यह सबसे हास्यपूर्ण आरोप है। जब मैं 40 लाख रुपये सालाना कमाता था और बाद में मेरी आय 80 लाख रुपये सालाना हो गई, तो क्या किसी व्यक्ति को 10 लाख रुपये के लिए अपनी पत्नी और बच्चे को छोड़ने की जरूरत होगी?”

इससे यह स्पष्ट होता है कि अतुल ने यह मानने से इनकार किया कि दहेज की मांग का कोई आधार था, और उन्होंने इस आरोप को असंगत और तर्कहीन बताया। अतुल ने कहा कि यह दावा पूरी तरह से निराधार था और इसने केवल परिवार के संबंधों में और तनाव को बढ़ाया था।

Nikita के पिता की मृत्यु पर अतुल का स्पष्टीकरण

Nikita ने आरोप लगाया था कि अतुल और उसके परिवार ने दहेज की मांग के कारण ही उसके पिता की मृत्यु को बढ़ावा दिया था। हालांकि, अतुल ने इस आरोप का भी खंडन किया और कहा, “Nikita ने खुद स्वीकारा था कि उसके पिता पहले से ही डायबिटीज और दिल की बीमारियों से जूझ रहे थे, और डॉक्टरों ने उन्हें कुछ ही महीने का समय दिया था। ऐसे में मेरे और मेरे परिवार द्वारा दहेज की मांग से उनकी मौत को जोड़ना किसी बॉलीवुड फिल्म की कहानी जैसी बात है।”

अतुल ने अपने सुसाइड नोट में इस आरोप को सिरे से नकारते हुए इसे पूरी तरह से गलत बताया। उन्होंने कहा कि निकिता के पिता की स्थिति पहले से ही गंभीर थी और उनकी मृत्यु से उनके परिवार को मानसिक रूप से कोई लाभ नहीं हुआ था, बल्कि वह खुद इस स्थिति से गुजर रहे थे।

पत्नी के परिवार की सफाई

अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद, उनके परिवार के खिलाफ आरोपों का सिलसिला तेज हो गया है। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में Nikita, उसकी मां निशा, भाई अनुराग, और चाचा सुशील सिंघानिया को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और उत्तर प्रदेश के जौनपुर से टीम को भेजा है ताकि निकिता और उसके परिवारवालों से पूछताछ की जा सके।

हालांकि, Nikita के चाचा सुशील सिंघानिया ने आरोपों का खंडन किया और मीडिया से कहा, “मुझे मीडिया से यह जानकारी मिली कि एफआईआर में मेरा भी नाम है, लेकिन मेरा इससे कोई संबंध नहीं है। तलाक का मामला तीन साल से चल रहा था और अब अचानक यह सब हुआ है। हमारा परिवार दोषी नहीं है, और अदालत इस मामले में अपना फैसला देगी।” उन्होंने कहा कि निकिता के मामले में जब वह वापस आएगी, तो वह सब सवालों के जवाब देगी।

पुलिस जांच और आगे की प्रक्रिया

पुलिस ने इस मामले में एक विशेष टीम का गठन किया है, जो निकिता और उसके परिवार से पूछताछ करेगी। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि जांच की दिशा इस बात पर आधारित होगी कि क्या निकिता और उसके परिवार ने अतुल को आत्महत्या के लिए उकसाया था, या फिर यह एक पारिवारिक विवाद के चलते हुआ था। पुलिस यह भी जांचेगी कि क्या निकिता द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई थी, और क्या यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद थे, जैसा कि अतुल के सुसाइड नोट में कहा गया।

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