जल जीवन मिशन में करीब 960 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तार रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल को बुधवार को ACB ने भ्रष्टाचार मामलों की विशेष अदालत में पेश किया. अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए. ACB के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि डॉ. सुबोध अग्रवाल को 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया. पहले उन्हें तीन दिन के रिमांड पर लिया. यह अवधि खत्म होने पर दो दिन का रिमांड बढ़ाया गया. अब आज उन्हें जेल भेज दिया गया है.
फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से टेंडर जारी किए
ED ने इस मामले में तत्कालीन PHED मंत्री डॉ. महेश जोशी सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, ACB की जांच में सामने आया कि PHED में टेंडर आवंटन में अनियमितताएं बरती गई. फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से टेंडर जारी किए गए. श्रीश्याम ट्यूबवैल कंपनी और श्रीगणपति ट्यूबवैल कंपनी ने इरकॉन इंटरनेशनल के फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग कर 900 करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर हासिल किए. इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रही है.
आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं
ACB अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. हालांकि, रिमांड नहीं मिलने से फिलहाल एजेंसी को पूछताछ में सीमितता का सामना करना पड़ सकता है. एसीबी की जांच में यह भी सामने आया है कि 50 करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर में साइट निरीक्षण की शर्त जोड़कर गड़बड़ी की गई, जिससे टेंडर प्रक्रिया की गोपनीयता भंग हुई. इस प्रक्रिया के जरिए करीब 20 हजार करोड़ रुपए के टेंडर की बंदरबांट की गई. इस पूरे मामले में जांच जारी है.