ICICI बैंक ने नई बचत खातों की न्यूनतम शेष राशि बढ़ाई

By admin
2 Min Read

ICICI बैंक ने नई बचत खातों के लिए न्यूनतम शेष राशि को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया है, जो उसके ग्राहकों के वर्ग को लेकर रणनीति में बदलाव का संकेत देता है। यह कदम उन संपन्न ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करने की दिशा में है, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कम या शून्य न्यूनतम शेष राशि की नीति अपनाए रखते हैं ताकि निम्न आय वर्ग के लोग भी बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकें।

निजी बैंकों में अब तक नियमित बचत खातों के लिए अधिकतम ₹10,000 की सीमा थी, लेकिन ICICI ने अब इसे काफी बढ़ा दिया है। इसका कारण बैंक मार्जिन पर दबाव, ग्राहकों का एफडी से म्यूचुअल फंड की ओर रुख, और लगातार बढ़ती तकनीकी लागत हो सकता है। बैंक का मानना है कि सेवाओं का लाभ बड़े खातों को देना अधिक फायदेमंद है, बजाय लाखों छोटे खातों के।

आरबीआई के नियमों के तहत सभी बैंकों को बेसिक या नो-फ्रिल्स खाते देने होते हैं, जो ICICI भी देता है, लेकिन यह केवल उन छोटे जमाकर्ताओं के लिए है जिनकी सालाना जमा ₹1 लाख से अधिक नहीं होती। यह बदलाव केवल नए खातों पर लागू होगा, पुराने ग्राहकों पर नहीं।

आरबीआई ने न्यूनतम शेष राशि पर कोई सीमा तय नहीं की है, लेकिन बैंकिंग को सार्वजनिक उपयोगिता मानते हुए वह इस पर नैतिक दबाव डाल सकता है, खासकर यदि अन्य बैंक भी यही रास्ता अपनाते हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *