डीडवाना: जिले की परबतसर तहसील के ग्राम नड़वा में स्थित श्री बावड़ी बालाजी धाम में रविवार रात 11वां भक्ति भजन जागरण भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन का संचालन श्री बावड़ी बालाजी विकास समिति, नड़वा के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में देर रात तक भक्ति गीतों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूमते रहे।
इस अवसर पर समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
समिति का सामाजिक और धार्मिक योगदान
समिति द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्ति-भजन कार्यक्रम के लिए विभिन्न भामाशाहों से सहयोग राशि एकत्र की गई। यह धनराशि गौशाला संचालन, गौसेवा, गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग, वृक्षारोपण, विद्यालयों के विकास कार्य, निर्धन छात्रों की सहायता, प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और जरूरतमंदों की मदद जैसे सामाजिक कार्यों में उपयोग की जाती है।
अद्भुत दो मुखी बालाजी की प्राचीन मूर्ति
श्री बावड़ी बालाजी धाम में विराजमान दो मुखी बालाजी की मूर्ति लगभग 550 वर्ष पुरानी बताई जाती है। यह मूर्ति बावड़ी की खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थी। एक ही पत्थर पर निर्मित यह अनोखी प्रतिमा एक ओर क्रोधित मुद्रा में और दूसरी ओर शांत मुद्रा में दिखाई देती है। यही कारण है कि यह स्थल श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
पहले यहां केवल एक चबूतरा था, लेकिन भामाशाहों के सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण करवाया गया। अब यहां आने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं के ठहरने और जलपान की व्यवस्था भी की गई है।
भक्ति रस में डूबा माहौल
भजन कार्यक्रम में डॉ. ओम मुंडेल, देवेन्द्र लाम्बिया और विजय भादलिया जैसे प्रसिद्ध कलाकारों ने भक्ति गीतों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं।
वहीं आशु कवि-शिक्षक उगमा राम बडारड़ा और सुभाष पारीक ने मंच संचालन करते हुए भारतीय सनातन संस्कृति का गौरवपूर्ण बखान किया।
गांव के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी
इस अवसर पर समिति के हरि सिंह नड़वा, रामचंद्र कागट, श्रवण नैण (एलआईसी नड़वा), जय सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, शिवराज सिंह, कैलाश सिंह, नोरत कुल्डियां, बलवीर सिंह, राजू बड़ासर, काना राम, महेंद्र भांभू और विक्रम सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।