RPSC संवाद पोर्टल से अभ्यर्थियों को मिलेगा अधिकारियों से सीधे बातचीत का मौका
राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। अब भर्ती परीक्षाओं से संबंधित समस्याओं को लेकर अभ्यर्थियों को अपनी बात आयोग के अधिकारियों के सामने सीधे रखने का अवसर मिल सकता है। इसके लिए आयोग की ओर से RPSC संवाद पोर्टल शुरू करने की योजना बनाई गई है। इस नई पहल के तहत अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन करके आयोग अध्यक्ष, सदस्यों और संबंधित अधिकारियों के सामने बैठकर अपनी समस्या बता सकेंगे। योजना के अनुसार, हर 15 दिन में लगभग 30 अभ्यर्थियों को संवाद के लिए बुलाया जाएगा।
इस प्रकार महीने में दो बार अभ्यर्थियों से बातचीत की व्यवस्था की जाएगी। आयोग अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह की पहल पर इस नई व्यवस्था को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों और आयोग प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझना है। फिलहाल अभ्यर्थियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए ग्रीवेंस पोर्टल और प्री-लिटिगेशन कमेटी जैसी व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ता है। प्रस्तावित संवाद व्यवस्था के माध्यम से उन्हें अपनी समस्या मौखिक रूप से अधिकारियों के सामने रखने का अतिरिक्त अवसर मिल सकता है।
RPSC संवाद पोर्टल कब शुरू होगा?
आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, संवाद पोर्टल को इसी महीने के अंत तक लॉन्च करने की योजना बनाई गई थी। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पोर्टल की वास्तविक लॉन्च तिथि, आवेदन शुरू होने की तारीख और संवाद कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल आयोग की आधिकारिक सूचना से ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इस व्यवस्था में अभ्यर्थियों को पहले अपनी समस्या ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। इसके बाद आयोग प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करेगा और समस्याओं के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को आयोग परिसर में बुलाकर उनकी बात सुनी जाएगी। यह सुविधा उन युवाओं के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें भर्ती प्रक्रिया, आवेदन, परीक्षा या परिणाम से संबंधित किसी मामले में अपनी समस्या विस्तार से समझानी है।
हर 15 दिन में 30 अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा
RPSC की प्रस्तावित संवाद व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक 15 दिन में करीब 30 अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखने का अवसर मिलेगा। अभ्यर्थियों का चयन उनकी ओर से ऑनलाइन आवेदन में बताई गई समस्या के आधार पर आयोग के स्तर पर किया जाएगा।
इसका अर्थ है कि आवेदन करने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को संवाद में शामिल होने का अवसर मिलना जरूरी नहीं है। आयोग संबंधित समस्याओं की समीक्षा करने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को बुलाएगा। संवाद के दौरान उनकी शिकायत को समझने और उसके समाधान के लिए उचित कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा। इस व्यवस्था से आयोग को अभ्यर्थियों की समस्याओं को सीधे समझने में मदद मिल सकती है। साथ ही, युवाओं को अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने का एक अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध हो सकता है।
अधिकारियों के सामने किस तरह की समस्याएं रख सकेंगे अभ्यर्थी?
RPSC संवाद पोर्टल का मुख्य उद्देश्य भर्ती से जुड़ी समस्याओं को सुनना और अभ्यर्थियों तथा आयोग प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करना है। अभ्यर्थियों को अपनी समस्या का विवरण आवेदन में स्पष्ट रूप से देना चाहिए। भर्ती से संबंधित आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा, परिणाम या अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर कोई परेशानी होने पर वे उपलब्ध शिकायत व्यवस्था के माध्यम से अपनी बात रख सकते हैं। हालांकि, संवाद पोर्टल पर किन विषयों की शिकायतें स्वीकार की जाएंगी, किन मामलों को प्राथमिकता मिलेगी और किन मामलों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा
इसकी विस्तृत जानकारी आयोग के आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय संबंधित परीक्षा का नाम, आवेदन संख्या और अन्य आवश्यक विवरण तैयार रखने चाहिए। यदि किसी समस्या से संबंधित दस्तावेज जरूरी हों, तो उन्हें भी निर्धारित निर्देशों के अनुसार प्रस्तुत करना उपयोगी होगा। यह भी समझना जरूरी है कि अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखने का अवसर मिलने का अर्थ शिकायत के पक्ष में निर्णय होने की गारंटी नहीं है। प्रत्येक मामले में उचित कार्रवाई संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही की जाएगी।
ग्रीवेंस पोर्टल पर इस साल मिलीं 26,635 शिकायतें
आयोग के ग्रीवेंस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आंकड़े भी इस व्यवस्था की जरूरत को समझने में मदद करते हैं। उपलब्ध समाचार के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 9 अक्टूबर तक आयोग को कुल 26,635 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 26,426 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका था। इसके अलावा, 18 शिकायतें प्रक्रिया में थीं, 15 शिकायतें लंबित थीं और 176 शिकायतों को अस्वीकार किया गया था।
छह दिनों में शिकायतों के निस्तारण पर जोर
आयोग की मौजूदा व्यवस्था के तहत ग्रीवेंस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हर सोमवार को आयोग अध्यक्ष या आयोग के सदस्य शिकायतों की स्थिति और निस्तारण की प्रगति की समीक्षा करते हैं। शिकायतों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। यदि किसी शिकायत का समाधान निर्धारित समय में नहीं होता है, तो आयोग अध्यक्ष या सदस्य संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब भी कर सकते हैं।
समाचार में उल्लेख किया गया है कि 99.88 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण शून्य से छह दिनों के भीतर किया गया। हालांकि, इस प्रतिशत को प्रकाशित करने से पहले आयोग के मूल आंकड़ों से इसकी पुष्टि करना उचित होगा। प्रस्तावित संवाद व्यवस्था इस शिकायत प्रणाली का पूरक माध्यम बन सकती है। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ अधिकारियों से सीधे बातचीत का अवसर मिलने से कुछ मामलों को विस्तार से समझने में मदद मिल सकती है।
ग्रीवेंस पोर्टल पर क्यों बढ़ा अभ्यर्थियों का रुझान?
आयोग के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर इस साल अभ्यर्थियों का रुझान बढ़ने की जानकारी भी सामने आई है। इसके पीछे एक प्रमुख कारण ऑफलाइन शिकायतों की व्यवस्था बंद होना बताया गया है। पहले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने का अवसर मिलता था। अब शिकायतों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था पर जोर दिए जाने से पोर्टल का उपयोग बढ़ा है।
ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज करने पर शिकायत का रिकॉर्ड रखना और उसकी स्थिति की समीक्षा करना आसान हो सकता है। वहीं, प्रस्तावित संवाद पोर्टल के जरिए अभ्यर्थियों को अपनी समस्या अधिकारियों के सामने मौखिक रूप से समझाने का विकल्प मिलने की उम्मीद है। दोनों व्यवस्थाओं का उद्देश्य शिकायतों को आयोग तक पहुंचाना है, लेकिन उनकी प्रक्रिया अलग होगी। इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी समस्या के अनुसार उचित विकल्प चुनना चाहिए और आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
RPSC संवाद पोर्टल की प्रस्तावित व्यवस्था राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। इसके जरिए भर्ती संबंधी समस्याओं को अधिकारियों के सामने सीधे रखने का अवसर मिलने की उम्मीद है। योजना के अनुसार, हर 15 दिन में करीब 30 अभ्यर्थियों को संवाद के लिए बुलाया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा और अभ्यर्थियों का चयन आयोग उनकी समस्याओं के आधार पर करेगा।