6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त: ओम माथुर, सुधा यादव समेत 6 नेताओं को मिली जिम्मेदारी

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6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर सामने आई है। नई नियुक्तियों में भाजपा के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर, पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव और मध्य प्रदेश के पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन समेत छह नाम शामिल हैं। इन नियुक्तियों में अनुभवी राजनीतिक नेताओं और संगठन से जुड़े चेहरों को संवैधानिक जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही गई है। आइए जानते हैं कि 6 राज्यों के नए राज्यपाल कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है।

6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त, जानिए किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ओम प्रकाश माथुर को केरल, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक और डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, बृज मोहन राम को ओडिशा और दुष्यंत गौतम को सिक्किम की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी दी गई है।

1. ओम प्रकाश माथुर: भाजपा के अनुभवी संगठनकर्ता

ओम प्रकाश माथुर भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। उनका जन्म 2 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले के बेड़ल गांव में हुआ था। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और पार्टी में कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं। वे भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रहे। जुलाई 2024 में उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल का पद संभाला था। अब उन्हें केरल की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

2. राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर: कई राज्यों में निभा चुके हैं जिम्मेदारी

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का जन्म 23 अप्रैल 1954 को गोवा के पणजी में हुआ था। वे गोवा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और बिहार के राज्यपाल के रूप में भी काम किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

3. बृज मोहन राम: पूर्व सांसद और अनुभवी नेता

बृज मोहन राम भाजपा के नेता और पूर्व सांसद हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू क्षेत्र में हुआ था, जो अब झारखंड में है। वे 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। इसके बाद 1996 से 2004 तक पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें ओडिशा का राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी दी गई है।

4. डॉ. सुधा यादव: भाजपा की वरिष्ठ महिला नेता

डॉ. सुधा यादव का जन्म 16 अक्टूबर 1965 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुआ था। उन्होंने रसायन विज्ञान में एमएससी और पीएचडी की पढ़ाई की। वर्ष 1999 में वे महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चुनी गईं और 2004 तक इस पद पर रहीं। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य के रूप में काम किया। अगस्त 2022 में उन्हें भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया था। अब उन्हें कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।

5. डॉ. ढाल सिंह बिसेन: मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव

डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के भाजपा नेता हैं। उनका जन्म 14 मई 1952 को सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ था। वे पेशे से डॉक्टर हैं और 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। वर्ष 2003 से 2005 तक उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2019 में वे बालाघाट लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और 2024 तक इस पद पर रहे। उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी दी गई है।

6. दुष्यंत गौतम: भाजपा के वरिष्ठ संगठनकर्ता

दुष्यंत कुमार गौतम भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हैं। वे छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और बाद में भाजपा में कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं। वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

चुनावी प्रक्रिया पर 124 पूर्व नौकरशाहों ने जताया भरोसा

राज्यपालों की नियुक्तियों के साथ चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी एक अलग घटनाक्रम चर्चा में है। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल समेत 124 पूर्व नौकरशाहों, राजनयिकों और सेवानिवृत्त IAS अधिकारियों ने देश की जनता से चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील की है।

पत्र में चुनावों में कथित धांधली के आरोपों पर चिंता जताते हुए कहा गया कि बिना सबूत के चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है। पत्र लिखने वालों ने चुनाव से जुड़े दावों पर चर्चा करते समय तथ्यों और प्रमाणों को महत्व देने की अपील की।

इस तरह, 6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर और चुनावी प्रक्रिया पर पूर्व नौकरशाहों की अपील ने राजनीतिक एवं संवैधानिक मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

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