जालोर में किसानों का महापड़ाव जारी, Jawai बांध से पानी के बंटवारे की मांग
राजस्थान के जालोर जिले में भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों का महापड़ाव लगातार 12 दिनों से जारी है। इस महापड़ाव के माध्यम से किसान Jawai बांध से पानी के बंटवारे की अपनी पुरानी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इन किसानों का कहना है कि जवई बांध का पानी उनके खेतों तक उचित तरीके से नहीं पहुंच रहा, जिससे उनकी कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
किसानों की मुख्य मांग: Jawai बांध से उचित पानी का बंटवारा
किसानों का आरोप है कि Jawai बांध से पानी का वितरण असमान तरीके से हो रहा है, जिसके कारण किसानों को अपने खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। किसान चाहते हैं कि पानी का बंटवारा अधिक समान रूप से किया जाए, ताकि हर क्षेत्र को पर्याप्त पानी मिल सके और उनकी फसलों की सिंचाई हो सके। यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है, और किसानों ने अब तक कई बार अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाया है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान अब अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। इस महापड़ाव का उद्देश्य सिर्फ पानी के बंटवारे की मांग करना नहीं है, बल्कि किसानों की और भी कई समस्याओं का समाधान करवाना है। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार को किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए, क्योंकि उनके पास अब और इंतजार करने का समय नहीं है।
धरने में शामिल 70 वर्षीय किसान की बिगड़ी तबीयत
Jawai बांध: किसान आंदोलन के दौरान 70 वर्षीय किसान वागाराम चौधरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ने से आंदोलनकारी किसानों के बीच चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, इसके बावजूद किसान अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटे हैं। उनका कहना है कि वे अपनी मांगों के लिए किसी भी कीमत पर संघर्ष करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें और ज्यादा समय तक धरने पर बैठना पड़े।
महापड़ाव का 12वां दिन, किसान जताएंगे अपनी शक्ति
Jawai बांध: किसान इस महापड़ाव को एक लंबी लड़ाई के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वे अपनी लड़ाई को और तेज करेंगे। किसानों का आरोप है कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं को हल करने में नाकाम रही है। वे उम्मीद करते हैं कि इस धरने के जरिए उनकी आवाज़ को राज्य और केंद्र सरकार तक पहुँचाया जाएगा, ताकि उन्हें उनका हक मिल सके।
सर्दी-गर्मी की परवाह किए बिना किसान जुटे रहे हैं
Jawai बांध: गौरतलब है कि जालोर में सर्दी और गर्मी दोनों ही चरम सीमा पर हैं, लेकिन इसके बावजूद किसान अपने आंदोलन को जारी रखे हुए हैं। भारतीय किसान संघ के नेता बताते हैं कि यह आंदोलन सिर्फ पानी की मांग के लिए नहीं, बल्कि किसानों के समग्र कल्याण के लिए है। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी अन्य समस्याओं पर भी ध्यान दे, जैसे कि कृषि मूल्य समर्थन योजना, किसानों के लिए बेहतर ऋण व्यवस्था और बागवानी में सिंचाई की सुविधाओं को बढ़ावा देना।
कलेक्ट्रेट के बाहर बैठा आंदोलन
Jawai बांध: किसान कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दे रहे हैं, जो प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के पास स्थित है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र के अधिकारी उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं और उन्हें तवज्जो नहीं दे रहे हैं। कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठकर किसान अपनी आवाज़ को और बुलंद करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि प्रशासन और सरकार इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करें और उनका पानी का अधिकार सुनिश्चित करें।
सरकार से किसान संगठनों की अपील
Jawai बांध: किसान संगठनों ने राज्य और केंद्र सरकार से अपील की है कि वे उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करें। उनका कहना है कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं का हल जल्दी निकाले ताकि किसानों का जीवन बेहतर हो सके।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की स्थिति
Jawai बांध: इस आंदोलन को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी सतर्क हैं। उन्हें आशंका है कि इस आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे, इसलिए पुलिस की तैनाती लगातार की जा रही है। किसानों के आंदोलन में बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हालांकि, किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और उनका लक्ष्य केवल अपने अधिकारों को हासिल करना है।
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