जयपुर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर Gen-Z युवाओं का गुस्सा अब सड़कों पर साफ नजर आने लगा है। अरावली पर्वतमाला को बचाने और बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ युवाओं ने जयपुर की सड़कों पर मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।इस दौरान युवाओं ने नकली नोट उड़ाकर प्रतीकात्मक तरीके से यह संदेश दिया कि विकास के नाम पर प्रकृति की कीमत पैसों से नहीं चुकाई जा सकती। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि जयपुर की सांसें हैं, और अगर इसे नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अरावली बचाओ, जयपुर बचाओ
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने पोस्टर, बैनर और नारे के जरिए यह सवाल उठाया कि
- क्या माइनिंग और अवैध कटान के आगे पर्यावरण की कोई कीमत नहीं?
- क्या विकास सिर्फ कंक्रीट और मुनाफे तक सीमित रह गया है?
Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अरावली पर्वतमाला भूजल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता के लिए बेहद अहम है। इसके कमजोर होने का सीधा असर जयपुर की हवा, पानी और जलवायु पर पड़ रहा है।
प्रतीकात्मक विरोध बना चर्चा का विषय
मशाल जुलूस के दौरान नकली नोट उड़ाना विरोध का सबसे अलग और चर्चित तरीका रहा। युवाओं का कहना था कि यह कदम उन नीतियों के खिलाफ है, जहां प्रकृति के बदले मुनाफे को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन और सरकार से मांग ,प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि:
- अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर सख्त रोक लगाई जाए
- पर्यावरण कानूनों का ईमानदारी से पालन हो
- विकास परियोजनाओं में environment impact को प्राथमिकता दी जाए
निष्कर्ष
यह प्रदर्शन सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि जयपुर की आने वाली पीढ़ियों की चिंता है। Gen-Z का यह संदेश साफ है—
अगर आज अरावली नहीं बची, तो कल जयपुर की हवा और पानी दोनों खतरे में होंगे।