13 से 15 अगस्त तक राज्य स्तरीय प्रभारी अधिकारियों की टीमें सभी जिलों में जाकर मौसमी बीमारियों की रोकथाम, बचाव गतिविधियों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का सघन निरीक्षण करेंगी। ये टीमें दवाओं, मानव संसाधन, उपकरणों की कार्यशीलता, भवनों की स्थिति, स्वच्छता और मरीजों के फीडबैक सहित विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट देंगी, जिसके आधार पर व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जाएंगी। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जहां मौसमी बीमारियों के केस अपेक्षाकृत अधिक हैं, वहां विशेष फोकस करें और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग, एंटीलार्वल गतिविधियां और घर-घर सर्वे बढ़ाएं। सभी कार्मिकों की 31 अगस्त तक जिओ-मैपिंग होगी और स्टाफ की कमी वाले संस्थानों की जानकारी राज हेल्थ पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। एक पद पर दो कार्मिक पाए जाने पर तत्काल एपीओ किया जाएगा।
जर्जर भवनों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी और अनावश्यक रोगी रेफरल पर रोक लगाई जाएगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर कार्यरत सीएचओ की नियमित समीक्षा होगी और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एनएचएम मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गुणवत्तापूर्ण स्क्रीनिंग, माइक्रोप्लानिंग और मोबाइल हेल्थ टीमों की गाड़ियों में 15 दिन में जीपीएस एक्टिव करने के निर्देश दिए।
टीकाकरण कार्यक्रम में सभी गर्भवती महिलाओं और नवजातों का यू-विन सॉफ्टवेयर में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण सत्र की 100% मॉनिटरिंग की जाएगी।