झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे मधुपुर स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे, जहां उन्हें अस्पताल के वार्ड में एक शव जमीन पर पड़ा हुआ मिला। सांसद ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मृतक किस धर्म या जाति से है, इससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन शव को सम्मानजनक ढंग से रखना अस्पताल प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि यह घटना झारखंड सरकार और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की लापरवाही को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावे तो करती है, लेकिन अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब है और मरीजों और मृतकों तक को उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा।
इस घटना के बाद भाजपा ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता बताया और कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है, जबकि जमीनी हालात बिल्कुल अलग हैं।