समदड़ी: क्षेत्र के सावरडा गांव में एक लड़की के गुमशुदा होने के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी परिवार न्याय की तलाश में थाने के चक्कर काट रहा है। पीड़ित बादरराम सेन ने बताया कि उनकी पुत्री को घरेलू काम के लिए दुकान पर सामान लेने भेजा गया था, लेकिन वह घर वापस नहीं लौटी।
परिवार ने समदड़ी थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। पीड़ित परिवार का कहना है कि थाने द्वारा लगातार यही कहा जा रहा है कि “जांच चल रही है”, जिससे उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
लड़की की माता की मानसिक स्थिति बिगड़ गई है, और उन्हें जोधपुर अस्पताल में उपचार भी करवाना पड़ा। गरीब परिवार के कारण उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है।
आज रिपोर्टर प्रेम सोनी द्वारा पीड़ित परिवार से संपर्क करने पर मामले की गंभीरता सामने आई। रिपोर्टर के माध्यम से परिवार की मुलाकात CI ओमप्रकाश विशनोई से करवाई गई। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि लड़की को जल्द से जल्द ढूंढकर सुपुर्द किया जाएगा।
CI ओमप्रकाश विशनोई ने जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल हरिशंकर मीणा को कड़ी लताड़ लगाई और कहा कि पीड़ित परिवार एक महीने से चक्कर काट रहा है। अब मामले की जांच अधिकारी मांगू सिंह को सौंपी गई है और तकनीकी सहायता, फोन रिकॉर्ड और गुप्तचर की मदद से शीघ्र परिणाम सुनिश्चित किया जाएगा।पीड़ित परिवार ने CI ओमप्रकाश विशनोई का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि जल्द उनकी पुत्री सुरक्षित वापस लौटेगी।