जयपुर, 7 फरवरी। जयपुर के जेईसीसी सीतापुरा में चल रहे इंडिया स्टोनमार्ट में आंध्र प्रदेश के खान मंत्री कोल्लू रविन्द्र ने राजस्थान के खान, भूविज्ञान व आरएसएमएम के पेवेलियन का अवलोकन कर राज्य के खनिज खोज, खनन और प्रसंस्करण सेक्टर्स के प्रति खासा रुचि दिखाई। उन्होंने अधिकारियों से गोल्ड, मार्बल, सेंड स्टोन,डायमेंशनल स्टोन, ग्रेनाइट, क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक खनिज आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने राजस्थान को खनिजों का भण्डार बताते हुए कहा कि भविष्य के खनिज रेयर अर्थ मिनरल्स की राजस्थान में उपलब्धता से देश की आयात निर्भरता कम होगी। इस अवसर पर उनको राजस्थान की खनिज नीति और एम सेंड नीति की प्रति भी भेंट की गई।
रविन्द्र को पेवेलियन प्रभारी एस.एन. डोडिया और संजय सक्सेना ने राजस्थान में उपलब्ध खनिजों के भण्डार के बारे में जानकारी दी। रविन्द्र ने राजस्थान के गोल्ड खनिज सेंपल्स देखकर यह जानना चाहा कि राजस्थान में गोल्ड के कहां और कितने भण्डार हैं। उन्होंने गोल्ड खनन के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि बांसवाड़ा, उदयपुर में गोल्ड के भण्डार हैं और गोल्ड खानों की नीलामी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने रेयर अर्थ मिनरल्स के भण्डारों के बारें में भी जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि बाडमेर— सिवाणा रेंज में इसके भण्डार हैं। अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान में यूरेनियम के भी प्रचुर मात्रा में है। उन्होंने आरएसएमएम के रॉक फास्फेट, लाइम स्टोन, लिग्नाइट आदि के भी सेंपल देखे। कोल्लू रविन्द्र राजस्थान में डायमेंशनल स्टोन्स की 40 से अधिक किस्मों की उपलब्धता पर आश्चर्य व्यक्त किया। खान मंत्री के साथ आन्ध्र प्रदेश के खान निदेशक ड्ब्लू.बी. चन्द्रशेखर ने भी पेवेलियन का अवलोकन किया। खनिज अभियंता, जयपुर श्याम कापड़ी, आरएसएमएम के वरिष्ठ प्रबंधक असीम अग्रवाल, सत्येन्द्र मीणा, भूवैज्ञानिक सुशील हुड्डा ने उन्हें राज्य की खनिज संपदा के बारे में जानकारी दी।
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