कोई मुस्लिम हो या हिंदू, तारिक रहमान का बांग्लादेश का पीएम बनने के बाद पहला संबोधन

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बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बुधवार रात राष्ट्र को अपना पहला संबोधन दिया। प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद अपने पहले संदेश में उन्होंने देश के सामने मौजूद चुनौतियों और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।

लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था पर जोर

तारिक रहमान ने कहा कि उनकी सरकार लोकतंत्र को मजबूत करने, कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्वीकार किया कि देश इस समय अस्थिर अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और बिगड़ी कानून-व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार लोगों में शांति और सुरक्षा की भावना बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, “हमने जनता के अधिकारों को स्थापित करने की प्रतिबद्धता के साथ देश चलाने की जिम्मेदारी ली है।”

धार्मिक सौहार्द का संदेश

अपने संबोधन में तारिक रहमान ने सांप्रदायिक सद्भाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “चाहे कोई मुस्लिम हो, हिंदू, बौद्ध या ईसाई—धर्म के आधार पर नागरिकता में कोई फर्क नहीं पड़ता। यह हम सबका देश है।” हाल के महीनों में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के बीच उनका यह बयान अहम माना जा रहा है।

भेदभाव नहीं करेगी सरकार

प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद सभी नागरिक समान हैं, चाहे उन्होंने किसी भी दल को वोट दिया हो। सरकार किसी के साथ उसकी राजनीतिक राय, धर्म या विचारधारा के आधार पर भेदभाव नहीं करेगी।

स्किल्ड वर्कफोर्स बनाने का लक्ष्य

तारिक रहमान ने कहा कि उनकी सरकार देश की आबादी को एक कुशल कार्यबल (स्किल्ड वर्कफोर्स) में बदलने पर काम करेगी, ताकि बड़ी जनसंख्या देश की ताकत बने और वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित कर सके। रमजान के पवित्र महीने की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें वाजिब रखें, ताकि आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

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