राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर गौहत्या के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने गाय के बछड़े की हत्या के मामले में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि गौहत्या के आरोपी को बचाने के लिए सरकार स्तर पर षड्यंत्र रचा जा रहा है, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं होगा।
खाचरियावास ने कहा कि मामले से जुड़े वीडियो सार्वजनिक हो चुके हैं और आरोपी ने स्वयं घटना को स्वीकार किया है। उनके अनुसार, सत्यनारायण शर्मा ने वीडियो में कबूल किया कि उसने बछड़े को हिंगोनिया गौशाला भेजा था और बाद में उसकी गर्दन कटवाकर मंगवाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बछड़े की हत्या के बाद गाय भी तड़प-तड़प कर मर गई।
पूर्व मंत्री ने भाजपा पर धर्म के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अपने पदाधिकारी को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा आरोपी को थाने से छुड़ाकर लाए। यदि सरकारी दबाव में डॉक्टरों से गलत मेडिकल रिपोर्ट तैयार करवाई गई है, तो संबंधित चिकित्सकों को अदालत में चुनौती देने की बात भी उन्होंने कही।
खाचरियावास ने हिंगोनिया गौशाला प्रबंधन के बयान पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि गौशाला प्रबंधन दावा कर रहा है कि उनके यहां ऐसा कोई बछड़ा नहीं लाया गया, जबकि आरोपी का बयान इससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वीडियो और स्वीकारोक्ति के बाद सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती।
पूर्व मंत्री ने घोषणा की कि इस प्रकरण को लेकर गोरक्षा आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौ रक्षा कानून 1955 की धारा 429 के तहत दोषियों और उन्हें बचाने वालों के खिलाफ सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही हाई कोर्ट में याचिका दायर करने, विभिन्न विधानसभाओं में गौरक्षा यात्राएं निकालने, राजभवन और विधानसभा का घेराव करने तथा जनता के बीच मुद्दा उठाने की चेतावनी दी।
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