UP विधानसभा उपचुनाव: वोटिंग के दौरान घटनाएं और आरोपों की भरमार
UP में विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दौरान कई जिलों में घटनाएं सामने आईं और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा। यह उपचुनाव कई राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हैं, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए, जो सत्ता में वापसी की उम्मीदों के साथ चुनावी मैदान में है। वोटिंग के दौरान कुछ जगहों पर हिंसक घटनाएं भी घटीं और सपा ने चुनावी प्रक्रिया पर कई आरोप लगाए हैं, जिनमें प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
मैनपुरी जिले में सपा का आरोप: पुलिस ने उठाए समर्थक
UP : मैनपुरी जिले में विधानसभा उपचुनाव के दौरान सपा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा का कहना है कि करह सीट के एक बूथ पर पुलिस ने उनके समर्थक को उठाकर ले लिया। इसके अलावा, सपा ने आरोप लगाया है कि यहां बूथ एजेंट्स को धमकाया गया और उन्हें मतदान प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की गई। सपा ने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या करार दिया और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। इस घटना के बाद सपा ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप हो रहा है और यह स्थिति बीजेपी के उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई जा रही है।
मुजफ्फरनगर जिले में वोटिंग के दौरान हंगामा
UP : मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर ककरौली इलाके में भी मतदान के दौरान हंगामा हुआ। यहां एक बड़ी भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। यह हंगामा तब हुआ जब कुछ लोग मतदान प्रक्रिया में अड़चन डालने की कोशिश कर रहे थे और जब पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश की, तो लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इस घटना ने मतदान प्रक्रिया में विघ्न डाला और सुरक्षा बलों को भी अलर्ट रहना पड़ा।
सपा का आरोप: बीजेपी के लिए काम कर रहा प्रशासन
UP : सपा ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह बीजेपी के उम्मीदवार के लिए काम कर रहा है। सपा का कहना है कि प्रशासन ने जानबूझकर सपा के कार्यकर्ताओं को परेशान किया और कुछ बूथों पर मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया। मैनपुरी जिले में ही एक अन्य घटना में, सपा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने विशेष रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों को डरा-धमकाकर बीजेपी के पक्ष में मतदान कराया। इस आरोप के बाद सपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और चुनाव आयोग से जांच की मांग की।
कानपुर की सीसामऊ सीट पर सपा के आरोप
UP :कानपुर के सीसामऊ सीट पर भी सपा ने आरोप लगाए हैं। सपा उम्मीदवार नसीम सोलंकी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वहां के अधिकारियों ने मुस्लिम बहुल इलाकों में डर और दबाव बनाया, जिससे सपा के समर्थकों को मतदान में भाग लेने से रोका गया। सोलंकी ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने सीसामऊ के चमनगंज इलाके में लोगों को दौड़ाया और वोट डालने से पहले उन्हें डराया। सपा के अनुसार, यह सभी कदम बीजेपी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए उठाए गए थे।
कानपुर में सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी को हाउस अरेस्ट
UP: कानपुर में सीसामऊ सीट के मतदान के दौरान सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। यह घटना विवादों के घेरे में रही और सपा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके विधायक को अनावश्यक रूप से घर में ही नजरबंद कर लिया। इस दौरान पुलिस के भारी बल के साथ घर के बाहर तैनात रहने के कारण स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। सपा ने इसे सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ एक षड्यंत्र करार दिया और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
चुनावी हिंसा और प्रशासनिक दखल
UP विधानसभा उपचुनाव के दौरान चुनावी हिंसा और प्रशासनिक दखलंदाजी के आरोपों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। मतदान के दौरान हुई घटनाओं ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि चुनावों में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज़ होता है। सपा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन घटनाओं का सिलसिला जारी रहा।
वोटिंग के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर
जैसे-जैसे चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ी, आरोपों का दौर तेज़ होता गया। सपा और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति ने मतदान के दौरान माहौल को और गरम कर दिया। सपा ने आरोप लगाया कि बीजेपी के समर्थन में प्रशासन ने वोटिंग में हस्तक्षेप किया और पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को परेशान किया। वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से हो रहे हैं और किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप की कोई संभावना नहीं है।
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