Priyanka Gandhi का लोकसभा में हमला: ‘अगर ये नतीजे ना आते तो संविधान बदल देते’, PM Modi पर भी तंज

By Editor
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Priyanka Gandhi

Priyanka Gandhi का लोकसभा में जोरदार हमला: संविधान पर चर्चा में सरकार और पीएम मोदी पर तीखा निशाना

लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi ने सरकार पर जमकर हमला बोला और संविधान की अहमियत को लेकर अपनी बात रखी। यह उनका लोकसभा में पहला भाषण था, क्योंकि वे वायनाड से सांसद चुनी गईं। प्रियंका ने संविधान के निर्माण से लेकर उसके महत्व तक के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और इसके जरिए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोकसभा चुनाव के नतीजे इस तरह के नहीं होते, तो आज की सरकार संविधान में बदलाव करने की भी कोशिश करती।

Priyanka Gandhi ने इस मौके पर भारतीय लोकतंत्र, संविधान और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवमयी परंपराओं को भी उजागर किया। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को लेकर अपने आलोचनात्मक विचार भी व्यक्त किए।


लोकसभा चुनाव के नतीजों पर तंज: ‘अगर यह नतीजे न होते तो संविधान बदलने की कोशिश करते’

Priyanka Gandhi ने कहा, “अगर लोकसभा चुनाव के नतीजे इस तरह के न होते, तो यह लोग संविधान को भी बदलने को तैयार थे।” उनका इशारा स्पष्ट था कि सरकार संविधान को लेकर अपनी सत्तावादी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने का काम कर रही है। प्रियंका ने यह भी कहा कि संविधान को लेकर जो मानवीय अधिकार और न्याय की परंपरा है, उसे खारिज करने की कोशिश हो रही है, और यदि ऐसा मौका मिलता, तो सरकार इसे बदलने से भी नहीं हिचकिचाती।

Priyanka Gandhi ने इस भाषण में संविधान के महत्व को लेकर अपने विचार साझा किए और कहा कि यह हमारे राष्ट्र की आत्मा है, जिसे हम सभी के अधिकारों और स्वतंत्रता की गारंटी के रूप में मानते हैं।


प्रधानमंत्री मोदी पर हमला: ‘राजा भेष बदलना जानते हैं, लेकिन जनता के बीच जाने की हिम्मत नहीं’

Priyanka Gandhi ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “आज के राजा भेष बदलना तो जानते हैं, लेकिन जनता के बीच जाने और आलोचना सुनने की हिम्मत नहीं है।” यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से पीएम मोदी की छवि और उनकी नेतृत्व शैली पर एक सवाल उठाती है। प्रियंका का कहना था कि प्रधानमंत्री जब अपनी छवि बनाने में लगे रहते हैं, तो वे जनता के असली मुद्दों और आलोचनाओं से दूर रहते हैं।

Priyanka Gandhi ने यह आरोप लगाया कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संवैधानिक मानकों का सम्मान नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि जब मोदी सत्ता में आते हैं, तो वे लोकतंत्र की भावना को ताक पर रखकर काम करते हैं।


संविधान और स्वतंत्रता संग्राम: भारतीय लोकतंत्र का आधार

Priyanka Gandhi ने संविधान को सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि इसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की धारा से जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ने जो लोकतांत्रिक संघर्ष किया, वह पूरी दुनिया में एक अनोखा उदाहरण है। यह संघर्ष सत्य, अहिंसा और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित था, और इस संग्राम को आगे बढ़ाने में हमारे संविधान की भूमिका अहम रही है।

Priyanka Gandhi ने कहा, “हमारा स्वतंत्रता संग्राम बहुत लोकतांत्रिक था। इसमें देश के मजदूर, किसान, अधिवक्ता, बुद्धजीवी और हर जाति, धर्म और भाषा के लोग शामिल थे। यही लोकतांत्रिक संघर्ष था, जिसने भारतीय संविधान को आकार दिया।”

Priyanka Gandhi ने यह भी बताया कि संविधान बनाने में उस समय के नेताओं जैसे राजगोपालाचारी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और अन्य कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों का योगदान था। उनके अनुसार, संविधान के निर्माण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि यह दस्तावेज न सिर्फ कानूनी रूप से बल्कि भारतीय लोगों की आकांक्षाओं और उनके संघर्षों का प्रतीक हो।


संविधान का महत्व: सभी को समान अधिकार और न्याय की गारंटी

Priyanka Gandhi ने आगे कहा कि संविधान ने भारतीय नागरिकों को न्याय, समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी। यह संविधान हर भारतीय को यह समझने की शक्ति देता है कि उसे अपने अधिकारों का प्रयोग करने का पूरा हक है। इसके माध्यम से देश के नागरिकों को यह विश्वास मिलता है कि जब वे अपनी आवाज उठाएंगे, तो सत्ता उनके सामने झुकेगी।

Priyanka Gandhi ने यह भी कहा कि संविधान ने भारतीयों को यह भरोसा दिया कि वे सरकार बदल सकते हैं और उन्हें देश के संसाधनों में भी हिस्सा मिलेगा। यह संविधान हर नागरिक को सुरक्षित भविष्य और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी का अधिकार प्रदान करता है।


संविधान से मिली शक्ति: उन्नाव की रेप पीड़िता की प्रेरक कहानी

Priyanka Gandhi ने एक उदाहरण के जरिए संविधान के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने उन्नाव की रेप पीड़िता का उदाहरण दिया, जो अपनी न्याय की लड़ाई के लिए संघर्ष कर रही थी। प्रियंका ने बताया, “मैं उन्नाव गई थी, जहां एक 20-21 साल की लड़की को जलाकर मार दिया गया था, क्योंकि उसने न्याय की लड़ाई लड़ी थी।”

Priyanka Gandhi ने बताया कि इस लड़की के परिवार को पूरी तरह से कुचला गया था। उसके पिता को घर से बाहर खींचकर मारा गया, और जब वह न्याय की मांग करने के लिए एफआईआर दर्ज करने गई, तो उसे रोकने की कोशिश की गई। लेकिन वह लड़की संविधान से मिली शक्ति का उपयोग करके न्याय के लिए लड़ाई जारी रखे रही। प्रियंका ने कहा कि यह शक्ति संविधान ने उसे दी, और इसने उसे अपनी आवाज उठाने का साहस दिया।

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