Israel ने रफा सीमा पर नियंत्रण छोड़ने से किया इनकार, मिस्र और हमास के बीच तनाव बढ़ा
Israel ने यह स्पष्ट किया है कि वह युद्धविराम के पहले चरण के दौरान मिस्त्र और गाजा पट्टी के बीच रफा सीमा पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। इस बयान से Israel और मिस्र के बीच बढ़ते तनाव को और बल मिला है, क्योंकि मिस्र ने रफा क्रासिंग को फलस्तीनी प्राधिकरण के नियंत्रण में देने की मांग की थी।
हालांकि, Israel प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है और कहा है कि इस सीमा पर नियंत्रण Israel के पास ही रहेगा, हालांकि स्थानीय फलस्तीनी जो हमास से संबद्ध नहीं हैं और जिनकी Israel सेना द्वारा जांच की गई है, वे ही इस क्रासिंग पर पासपोर्ट पर स्टांप लगाएंगे।
रफा सीमा पर नियंत्रण और संघर्षविराम की शर्तें
Israel के प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह स्पष्ट किया कि संघर्षविराम के दौरान रफा सीमा पर नियंत्रण बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के मुताबिक, गाजा पट्टी से बाहर जाने के लिए गाजावासियों को इजरायली सैनिकों द्वारा स्टांप किए गए पासपोर्ट की आवश्यकता होगी, जो केवल अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत संभव हो सकता है। इस युद्धविराम के तहत गाजा में शांति लाने और Israel द्वारा कैद किए गए सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों के बदले में हमास द्वारा बंधक बनाए गए 33 बंधकों को रिहा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षक इस क्रासिंग की निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्रासिंग पर कोई गड़बड़ी न हो। Israel ने पहले ही यह सुनिश्चित किया है कि सभी लोगों और सामानों की आवाजाही को मंजूरी दी जाएगी, जिससे गाजा पट्टी में राहत सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
राहत सामग्री की आपूर्ति और स्थिति
वर्तमान में, Israel और हमास के बीच युद्धविराम के तीसरे दिन, गाजा में 900 ट्रक राहत सामग्री लेकर प्रवेश कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा है कि इस दौरान कोई बड़ी लूटपाट की घटना सामने नहीं आई है, हालांकि कुछ बच्चे खाने के बास्केट लेने के लिए ट्रकों पर चढ़ गए थे। राहत सामग्री की आपूर्ति को देखते हुए तीन दिनों में अब तक 2400 ट्रक गाजा में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे वहां के लोगों को महत्वपूर्ण खाद्य और चिकित्सा सहायता मिल रही है।
यह राहत सामग्री युद्ध के प्रभावित क्षेत्र में बेहद आवश्यक है, जहां दशकों से चली आ रही हिंसा और संघर्ष के कारण हालात अत्यधिक खराब हो गए हैं। इस सामग्री का गाजा में वितरण जीवन रक्षक साबित हो सकता है, खासकर उन परिवारों के लिए जिनके पास बुनियादी आवश्यकताओं का अभाव है।
वेस्ट बैंक पर Israel हमले में नौ फलस्तीनी मारे गए
Israel सेना ने मंगलवार को वेस्ट बैंक पर हमला किया, जिसमें नौ फलस्तीनी मारे गए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस सैन्य अभियान को बड़ा और महत्वपूर्ण बताया, और इसे ईरानी समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ एक नई कार्रवाई के रूप में पेश किया। नेतन्याहू ने इस हमले को ईरान द्वारा हथियारों के वितरण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि Israel सेना इस प्रकार के हमलों के खिलाफ लगातार और दृढ़ कदम उठा रही है।
यह हमला Israel सरकार द्वारा घोषित किए गए अल्ट्रानेशनलिस्ट इजरायली निवासियों पर प्रतिबंध हटाने के अगले दिन हुआ। इस कार्रवाई को इजरायल के भीतर और बाहर भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, खासकर फलस्तीनियों और उनके समर्थकों से। हालांकि, नेतन्याहू ने इसे आतंकवादियों के खिलाफ एक आवश्यक कदम बताया और इजरायली सेना की कार्रवाई को समर्थन दिया।
मिस्र और Israel के बीच बढ़ता तनाव
मिस्र ने रफा क्रासिंग को फलस्तीनी प्राधिकरण के नियंत्रण में देने की मांग की थी, लेकिन Israel ने इस पर सहमति नहीं दी। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। मिस्र ने कहा था कि यह नियंत्रण फलस्तीनी प्राधिकरण को दिया जाना चाहिए, ताकि गाजा में मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो और वहां के नागरिकों को बुनियादी सहायता मिल सके। इजरायल ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि रफा सीमा पर नियंत्रण इजरायल के पास ही रहेगा, और वे इस क्रासिंग की निगरानी के लिए यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षकों को नियुक्त करेंगे।
Israel ने यह भी कहा कि रफा क्रासिंग पर स्थितियों की जांच के बाद ही वहां से लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। इस दौरान, इजरायल ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा समस्या से बचने के लिए वे गाजा की सीमा पर नियंत्रण बनाए रखेंगे।
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