Gehlot ने कहा- सरकार की लापरवाही से विद्यालयों में बढ़ रही है नशे की समस्या

By Editor
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“Gehlot ने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई, सरकार की लापरवाही को दोषी ठहराया”

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता Gehlot ने देश में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या अब सिर्फ युवाओं तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह विद्यालयों में भी फैल रही है। Gehlot ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहे, जिसके कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

नशे की लत से विद्यालय भी नहीं अछूते:

Gehlot ने कहा कि पहले नशे का रुझान मुख्यतः कॉलेजों तक सीमित था, लेकिन अब विद्यालयों के बच्चे भी इस लत की गिरफ्त में आ रहे हैं। दसवीं और बारहवीं कक्षा के बच्चे भी शराब और मादक पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। यह समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि बच्चे अब छोटे-बड़े आयोजनों में शराब का सेवन कर रहे हैं, जो कि एक गंभीर संकेत है।

प्रशासन और सरकार की लापरवाही जिम्मेदार:

Gehlot ने यह भी कहा कि नशे के बढ़ते प्रचलन के पीछे प्रशासन और सरकार की लापरवाही है। अभिभावकों के पास बच्चों के लिए पर्याप्त समय नहीं है, वहीं पुलिस प्रशासन भी नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के साथ संलिप्त पाया गया है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर राजस्थान में पांच साल में 50 से अधिक पुलिसकर्मियों के नशे के कारोबार में शामिल पाए जाने का हवाला दिया।

मादक द्रव्यों पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत:

Gehlot ने मादक द्रव्यों पर कानूनों और सजा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद भी नशे के कारोबार पर काबू नहीं पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुकदमों का लंबा समय और सबूतों की कमी के कारण आरोपी आसानी से बच जाते हैं। इसके अलावा, एमडीएमए जैसे मादक पदार्थ बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं, जिनकी वजह से युवा पीढ़ी इस जाल में फंस रही है।

क्लब और पब संस्कृति पर Gehlot का विरोध:

Gehlot ने बताया कि दो साल पहले उन्होंने देशभर में बढ़ रहे क्लब और पब संस्कृति पर सख्ती की बात की थी, लेकिन उनका विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं की भलाई था, क्योंकि नशे की लत व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। Gehlot ने यह भी कहा कि नशा करने वालों को सही रास्ता दिखाने की कोशिश करने पर वह विरोध करते हैं।

समाज और सरकार को गंभीरता से सोचना होगा:

Gehlot ने समाज और सरकार से अपील की कि वे नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि क्या हम सिर्फ पैसे कमाने और सुख-सुविधाओं के लिए अपने बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल सकते हैं? उन्होंने यह भी कहा कि नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा।

राजस्थान में नशे के कारोबार पर ध्यान देने की जरूरत:

Gehlot ने राजस्थान में नशे के कारोबार के बारे में बात करते हुए कहा कि गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जोधपुर में तस्कर गिरोह सक्रिय रूप से नशे का कारोबार चला रहे हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार से इन क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने और नशे के कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई करने का आह्वान किया।

नशे के बढ़ते कारोबार का असर युवा पीढ़ी पर:

Gehlot ने कहा कि नशे के बढ़ते कारोबार का सीधा असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है, और यदि इसका समाधान नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के नशे में लिप्त होने से ना केवल उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक खतरनाक संकेत है।

समाज के हर वर्ग को नशे के खिलाफ उठानी चाहिए आवाज:

Gehlot ने समाज के हर वर्ग से अपील की कि नशे के खिलाफ आवाज उठाएं और इस समस्या को हल करने के लिए एकजुट हों। उन्होंने यह भी कहा कि नशे की लत को रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है, ताकि युवा पीढ़ी को इस समस्या से बचाया जा सके।

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