राजस्थान की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक के दौरान अब परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र पर किसी भी तरह की चर्चा या विश्लेषण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इस संबंध में सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जो 19 सितंबर से शुरू हो रही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा से लागू होंगे।
चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि परीक्षा खत्म होने से पहले या तुरंत बाद पेपर सॉल्यूशन और चर्चा पर पूरी तरह से रोक रहेगी। यह निर्णय परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि “तत्काल विश्लेषण और चर्चाएं न केवल उम्मीदवारों को भ्रमित करती हैं, बल्कि कई बार अफवाहों को भी जन्म देती हैं।”
नई गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षा के पहले दिन 19 सितंबर से लेकर अंतिम दिन 23 सितंबर तक—और इसके तुरंत बाद—पेपर पर कोई सार्वजनिक या निजी चर्चा नहीं की जा सकेगी। यह नियम कोचिंग संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू रहेगा। केवल 23 सितंबर के बाद ही पेपर चर्चा या विश्लेषण संभव होगा। इस भर्ती परीक्षा में कुल 53,749 पदों पर नियुक्ति के लिए 24.75 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा 6 पारियों में आयोजित होगी, जिसमें 1300 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अकेले जयपुर में ही 200 केंद्रों पर 4.5 लाख उम्मीदवार परीक्षा देंगे।
सरकार ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की व्यवस्था भी की है। 19 से 23 सितंबर तक अभ्यर्थी एडमिट कार्ड दिखाकर राज्य परिवहन की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे। यह सुविधा परीक्षा से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक भी उपलब्ध रहेगी। बोर्ड को उम्मीद है कि इस कड़े नियम और बेहतर प्रबंधन से परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहेगी, जिससे लाखों उम्मीदवारों की मेहनत सही मायनों में परखी जा सकेगी।