शिम्बुपुरा गांव में 42 दिनों से चल रहा धरना, ग्रामीणों ने प्रशासन पर मिलीभगत का लगाया आरोप
जयपुर: शिम्बुपुरा गांव में तालाब की भूमि पर कब्जे को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनातनी बढ़ गई। ग्रामीण सेवा शिविर का बहिष्कार करने पहुंचे लोगों ने ग्राम पंचायत प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए। इस दौरान कानपुरा प्रशासक बिन्ना मीना से बात करने पहुंचे ग्रामीणों में से दो लोगों को पुलिस ने बिना कारण गाड़ी में बैठा लिया, जिससे माहौल गरमा गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तालाब की भूमि का आवंटन पत्र खारिज करवाने की उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 42 दिनों से वे लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। मौके पर पहुंचे सामोद थाना प्रभारी और उपखंड अधिकारी चौमू ने ग्रामीणों को समझाइश दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भूमि पर कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिविर में पुलिस की भारी तैनाती रही, वहीं ग्रामीणों का कहना है कि उनकी लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रहेगी।