दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 27 वर्षों बाद दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनना केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि नीति और प्रशासनिक सुधारों के नए युग की शुरुआत है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इतने कम समय में विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। केंद्र सरकार के वित्तीय सहयोग और दिल्ली सरकार के समन्वित प्रयासों से यह संभव हुआ है। अब दिल्ली विधानसभा के सभी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होंगे, जिससे नीति निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों को नई ऊंचाई मिलेगी।
उन्होंने बताया कि विधानसभा परिसर में 500 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है, जिससे दिल्ली विधानसभा अब पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित हो गई है। यह परियोजना मॉडल विधानसभा का दर्जा प्राप्त करेगी और स्थायी ऊर्जा समाधान में दिल्ली को अग्रणी बनाएगी। सरकार केवल नीतिगत घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें लागू करने के लिए तकनीक और प्रशासनिक सुधारों का समन्वय कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में शिक्षा सुधार विधेयक को पटल पर लाया जाएगा, जिस पर व्यापक चर्चा होगी। दिल्ली अब केवल प्रशासनिक सुधारों का गवाह नहीं, बल्कि तकनीक-संचालित सुशासन का मॉडल बन रही है। छोटे से छोटे कार्यों जैसे गड्ढों और जलभराव से लेकर बड़े नीतिगत निर्णयों तक, हर स्तर पर बदलाव की रफ्तार लाई जा रही है। यह केवल विकास नहीं, बल्कि एक नई कार्य प्रणाली की स्थापना है। उन्होंने बताया कि चार अगस्त से आठ अगस्त तक आयोजित होने वाला आगामी विधानसभा सत्र दिल्ली के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखेगा, क्योंकि इस बार विधानसभा पूरी तरह ई-विधानसभा (पेपरलेस) के रूप में कार्य करेगी।