डीडवाना: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्राम सेवा से बेमोठ तक बनाई गई डामर सड़क सिर्फ 12 महीनों में ही उखड़ने लगी है। सड़क जगह-जगह गड्ढों में बदल चुकी है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है।
घटिया निर्माण सामग्री के आरोप
ग्रामीणों ने सड़क की खराब हालत को सीधे-सीधे घटिया निर्माण सामग्री और निर्माण में अनियमितता का परिणाम बताया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मानकों की अनदेखी करते हैं, जिससे सड़क कुछ ही महीनों में खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा—
“जिस सड़क पर 5–6 साल चलना चाहिए, वह 1 साल में ही टूटकर गड्ढों में बदल गई! ये साफ भ्रष्टाचार का मामला है।”
आवागमन में बढ़ा खतरा
उखड़ी सड़क पर वाहन चलाना बेहद जोखिम भरा हो गया है। रोज़ाना स्कूली बच्चों, मजदूरों और किसानों को खास दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन व राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है—
- सड़क निर्माण की निष्पक्ष तकनीकी जांच करवाई जाए।
- दोषी ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो।
- सड़क का उच्च मानकों के साथ पुनर्निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार शिकायत पर सिर्फ खानापूर्ति होती है, इस बार वे वास्तविक कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ताकि भविष्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे।