भारतीय किसान संघ ने जताया रोष — “जमीन हमारी है, किसी कंपनी को नहीं देंगे”; 800 हेक्टेयर भूमि के खनन प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग
सिरोही: पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजना को लेकर भारतीय किसान संघ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर सिरोही को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इसे रद्द नहीं किया, तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
जानकारी के अनुसार, भारतीय किसान संघ जिला सिरोही की मासिक बैठक आदर्श विद्यालय सिरोही में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मावाराम चौधरी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जिलाप्रभारी खीमसिंह उपस्थित रहे। बैठक में जिलेभर से किसान और पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक में पिण्डवाड़ा तहसील की रोहिड़ा, वाटेरा, भीमाना और भारजा ग्राम पंचायतों की लगभग 800 हेक्टेयर भूमि को कमलेश मेटा कास्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, जयपुर के नाम प्रस्तावित खनन परियोजना को लेकर चर्चा हुई। किसानों ने बताया कि यह भूमि उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, और इसे किसी भी कीमत पर औद्योगिक परियोजनाओं को नहीं सौंपा जाएगा।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि परियोजना को तुरंत प्रभाव से निरस्त नहीं किया गया, तो संघ उग्र आंदोलन की राह अपनाएगा। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि स्थानीय किसानों की राय के बिना किसी भी खनन या औद्योगिक योजना को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
बैठक में संभाग युवा प्रमुख मुकेश रावल, संभाग सदस्य केसाराम पुरोहित, जिलामंत्री उत्तमसिंह राठौड़, जिला संरक्षक भेराराम माली, जिलाउपाध्यक्ष जबरसिंह केर, जिलाउपाध्यक्ष गणपतसिंह देवड़ा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों की प्रमुख मांगें:
- पिण्डवाड़ा क्षेत्र की 800 हेक्टेयर भूमि से संबंधित खनन परियोजना को तत्काल रद्द किया जाए।
- स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की राय लिए बिना कोई औद्योगिक परियोजना स्वीकृत न की जाए।
- खनन से पर्यावरण, जलस्रोत और कृषि भूमि को संभावित नुकसान से बचाने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।