जयपुर: जयपुर के हरमाड़ा इलाके में सोमवार दोपहर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को दहला दिया। तेज रफ्तार डंपर ने एक के बाद एक 17 गाड़ियों को टक्कर मार दी, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में कई के शरीर टुकड़ों में बंट गए — किसी का पैर कट गया तो किसी का हाथ।
6 गंभीर घायलों को एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि हादसा हरमाड़ा की लोहा मंडी रोड पर दोपहर करीब 1 बजे हुआ। डंपर (आरजे-14 जीपी 8724) लोहा मंडी पेट्रोल पंप की ओर से रोड नंबर-14 से हाईवे पर चढ़ने जा रहा था, तभी उसने बेकाबू होकर कई वाहनों को रौंद दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डंपर चालक नशे की हालत में था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ड्राइवर कल्याण मीणा (निवासी विराटनगर) को पकड़ लिया। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है और पुलिस उसकी जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि हादसे से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले ही डंपर ड्राइवर की एक कार सवार से बहस हुई थी, जिसके बाद वह गाड़ी तेज रफ्तार में चलाने लगा। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया हॉस्पिटल भेजा है और ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। पिछली दुर्घटनाओं में भी उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया था और पहली बार उनके निर्देशों पर ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए, ताकि घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
अस्पतालों में सभी घायलों को मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। कई मामलों में मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल और अस्पतालों में पहुंचकर जायजा ले चुके हैं — चाहे वह रात के समय अजमेर रोड गैस लीक हादसा रहा हो या जैसलमेर बस हादसा।
हरमाड़ा हादसे में भी मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कांवटिया और एसएमएस अस्पताल में अपने मंत्रियों की टीम को लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे दुर्भाग्यपूर्ण हैं, लेकिन सरकार त्वरित फैसले ले रही है — चाहे मुआवजे का मुद्दा हो या प्रभावितों की मदद, हर स्तर पर तुरंत सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज मुख्यमंत्री आवास पर आपात बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्य सचिव, DGP पुलिस, ACS होम, JDC, जयपुर कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर जयपुर, और ADG ट्रैफिक शामिल होंगे।
संभावना है कि मुख्यमंत्री आज की बैठक में बड़े और सख्त निर्णय ले सकते हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।