मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav का बौद्ध महोत्सव में शांति और समरसता का संदेश

By Editor
5 Min Read
Mohan Yadav

मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav का बौद्ध महोत्सव में शांति और समरसता का संदेश

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने हाल ही में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध महोत्सव में समाज में शांति और समरसता के लिए भगवान बुद्ध के ज्ञान को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि वर्तमान समय में दुनिया को युद्ध की नहीं, बल्कि बुद्ध के बताये मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भगवान बुद्ध का मार्ग ही विश्व शांति का मार्ग है, जो हमें मन की शांति, करूणा, प्रेम, अपनत्व और विश्व बंधुत्व की ओर ले जाता है।

बौद्ध महोत्सव का आयोजन और उद्देश्य

इस कार्यक्रम का आयोजन चूना भट्टी क्षेत्र में किया गया था, जिसमें देश-विदेश से बौद्ध विद्वानों और अनुयायियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने इस महोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश प्रसारित होता है। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए इस महोत्सव के माध्यम से बौद्ध दर्शन और विश्व शांति की स्थापना के उद्देश्यों को बढ़ावा देने की बात की।

अंतर्राष्ट्रीय बुद्ध शांति पुरस्कार वितरण

महोत्सव के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने विभूतियों को ‘अंतर्राष्ट्रीय बुद्ध शांति पुरस्कार’ प्रदान किया। इस पुरस्कार के माध्यम से उन्होंने उन व्यक्तियों को सम्मानित किया, जिन्होंने समाज में शांति, समरसता और भाईचारे के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा, महोत्सव पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया, जो बौद्ध दर्शन और विश्व शांति के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करती है।

समरसता के लिए बुद्ध का मार्ग सर्वोत्तम

डॉ. Mohan Yadav ने महोत्सव के मंच से यह भी कहा कि समाज में समरसता और भाईचारे के लिए भगवान बुद्ध का मार्ग सर्वोत्तम है। उनके अनुसार, बुद्ध के सिद्धांतों का पालन करने से समाज में सामाजिक सद्भावना और मानवता का विकास हो सकता है। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बौद्ध समाज के साथ मिलकर विकास के कार्य करेगी और समाज में शांति और समरसता की दिशा में निरंतर प्रयास करती रहेगी।

चूना भट्टी स्थित स्थल को स्थायी बौद्ध भूमि घोषित करने का आश्वासन

Mohan Yadav ने चूना भट्टी स्थित स्थल को स्थायी बौद्ध भूमि घोषित करने का आश्वासन दिया, जिसे बौद्ध समाज ने अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में पहचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पवित्र बौद्ध भूमि के विकास के लिए सब मिलकर काम करेगी और इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बनाएगी।

बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान और विकास कार्य

डॉ. Mohan Yadav ने यह भी कहा कि उनकी सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को हमेशा सम्मान देती आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब के पंच महातीर्थ को विकसित किया है, जिसमें उनकी जन्मस्थली, अध्ययन स्थल, दीक्षा भूमि, चैत्य स्थल और महानिर्वाण स्थल शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि उनकी सरकार महात्मा बुद्ध और बाबा साहेब के बताए शांति मार्ग पर चलकर समतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

आधुनिक शिक्षा और विश्वविद्यालयों का विकास

मुख्यमंत्री ने 24 जनवरी को हुई कैबिनेट मीटिंग में महू स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। इसके अलावा, सांची स्थित बौद्ध ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार विकसित करने का भी वादा किया। डॉ. Mohan Yadav ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में सभी आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा, ताकि यह संस्थान बौद्ध दर्शन और शिक्षा के लिए एक प्रमुख केंद्र बन सके।

समाज में भाईचारे और शांति का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने यह भी कहा कि समाज में भाईचारे और शांति की भावना को बढ़ावा देने के लिए बौद्ध महोत्सव जैसे आयोजनों की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एकजुट करते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं। उनका मानना था कि बौद्ध दर्शन न केवल आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी मानवता की सेवा करता है।

Read More: महाकुंभ 2025: डुबकी के बाद Akhilesh Yadav का योगी आदित्यनाथ पर हमला

Share This Article
1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *