डीडवाना: कुचामन के चर्चित व्यापारी रमेश रुलानिया हत्याकांड में डीडवाना-कुचामन पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले में दो अहम मददगारों — सुरेन्द्र पालावत और राहुल माण्डिया — को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी न केवल हत्याकांड की साजिश (षड्यंत्र) में शामिल थे, बल्कि इन्होंने मुख्य शूटरों गणपत गुर्जर और धर्मेन्द्र गुर्जर को हत्या से पहले और बाद में आर्थिक मदद भी पहुंचाई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी गैंगस्टर वीरेंद्र चारण के लिए मुखबिरी (सूचना एकत्र करने) का काम करते थे। वे कुचामन के प्रतिष्ठित व्यापारियों और बड़े कारोबारियों की रेकी कर उनकी जानकारी गिरोह तक पहुँचाते थे। इन जानकारियों का इस्तेमाल धमकाने और फिरौती वसूलने जैसे अपराधों में किया जाता था।
इस नई गिरफ्तारी के साथ ही रुलानिया हत्याकांड में अब तक कुल 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गैंग के नेटवर्क और फंडिंग से जुड़ी और जानकारियाँ प्राप्त की जा सकें।
पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने बताया कि गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण युवाओं को विदेश भेजने का झांसा और पैसे का लालच देकर अपने गिरोह में शामिल कर रहे हैं। पुलिस लगातार इस गिरोह की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए है।