देश का विदेशी मुद्रा भंडार 25 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 2.703 अरब डॉलर बढ़कर 698.192 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले लगातार तीन सप्ताह तक इसमें गिरावट दर्ज की गई थी।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 25 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ 1.316 अरब डॉलर बढ़कर 588.926 अरब डॉलर हो गईं। इसके अलावा, स्वर्ण भंडार में भी वृद्धि दर्ज की गई, जो 1.206 अरब डॉलर बढ़कर 85.704 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

आरबीआई ने बताया कि विशेष आहरण अधिकार में 12.6 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई और यह 18.809 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 5.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.753 अरब डॉलर हो गई।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के उच्चतम स्तर पर 27 सितंबर 2024 को समाप्त सप्ताह में 704.885 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। इस आंकड़े के साथ भारत दुनिया में चौथे स्थान पर है। अधिक विदेशी मुद्रा भंडार होने से देश को आयात भुगतान में सहूलियत मिलती है और रुपये पर दबाव की स्थिति में आरबीआई के पास हस्तक्षेप का विकल्प मौजूद रहता है।