बॉलीवुड के मशहूर सिंगर Sonu Nigam ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनके मंत्रियों के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। सोमवार को जयपुर में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल समिट के दौरान सोनू निगम का कॉन्सर्ट था, और इस दौरान जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कई अन्य मंत्री शो बीच में छोड़कर चले गए, तो सोनू निगम ने इसे बेहद असंवेदनशील और आर्टिस्ट का अपमान मानते हुए अपनी आपत्ति जताई।
Sonu Nigam का गुस्सा: “अगर जाना है तो पहले ही चले जाओ”
Sonu Nigam ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि अगर किसी को कार्यक्रम में भाग लेने का कोई इरादा नहीं था, तो उन्हें शो के बीच में उठकर जाना नहीं चाहिए था। उन्होंने कहा, “अगर आपको जाना है तो शो में आकर बैठिए ही मत, पहले ही चले जाइए। शो के बीच में उठकर जाना आर्टिस्ट की कद्र का अपमान है। यह एक तरह से सरस्वती का अपमान है।”
Sonu Nigam ने यह भी कहा कि वे समझते हैं कि ये लोग उच्च पदों पर हैं और उनके पास बहुत बड़ी जिम्मेदारियां हैं, लेकिन इस तरह के रवैये से एक आर्टिस्ट का सम्मान गिरता है। उन्होंने यह उदाहरण भी दिया कि उन्होंने अमेरिका और अन्य देशों में कई कॉन्सर्ट किए हैं, जहां नेताओं का आर्टिस्ट के परफॉर्मेंस के दौरान सम्मान होता है। “अगर अमेरिका में कोई प्रेसिडेंट या कोई नेता किसी कॉन्सर्ट में बैठा हो तो वह कभी नहीं उठता। अगर वह उठता भी है तो वह आर्टिस्ट से माफी मांगते हुए जाता है,” सोनू निगम ने कहा।
कॉन्सर्ट में क्या हुआ?
सोमवार को जयपुर के रामबाग होटल में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल समिट के तहत Sonu Nigam का कॉन्सर्ट था। कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख मंत्री और डेलिगेट्स शामिल हुए थे, जिनमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, युवा मंत्री और खेल मंत्री शामिल थे। कार्यक्रम के बीच में अचानक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कई अन्य मंत्री कार्यक्रम छोड़कर चले गए, और इसके बाद बाकी डेलिगेट्स भी कार्यक्रम छोड़ने लगे।
Sonu Nigam ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान मंच पर परफॉर्म करते हुए उन्हें यह दृश्य दिखा। उन्होंने बताया कि शो के बीच में मुख्यमंत्री और मंत्री जब उठकर जाने लगे, तो बाकी लोग भी बारी-बारी से वहां से निकलने लगे। इस दौरान अंधेरे के कारण Sonu Nigam कई लोगों को पहचान नहीं पाए, लेकिन उन्होंने यह देखा कि मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री शो छोड़कर चले गए, जिससे उनका मन खट्टा हो गया।

Sonu Nigam ने आर्टिस्ट के सम्मान की बात की
Sonu Nigam ने आगे कहा कि यह हर एक आर्टिस्ट का अधिकार है कि उसे शो के दौरान पूरा सम्मान मिले। उन्होंने कहा, “अगर आप आर्टिस्ट का सम्मान नहीं करेंगे, तो फिर अन्य लोग क्या करेंगे?” सोनू निगम ने स्पष्ट किया कि इस तरह के व्यवहार से कलाकारों को आघात पहुंचता है, और यह शो के दौरान आर्टिस्ट के लिए मानसिक शांति को भी बाधित करता है।
उन्होंने राजनीति और नेता की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा, “राजनीतिक नेता अगर खुद को आर्टिस्ट का सम्मान नहीं देंगे, तो फिर अन्य लोग क्या सिखेंगे? अगर हमें सम्मान नहीं मिलेगा तो फिर किसी अन्य देश के लोग क्या करेंगे?” सोनू निगम का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया है, और उनके फैंस और अन्य लोग भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
Sonu Nigam का ध्यान आर्टिस्ट की कद्र पर
Sonu Nigam ने आगे कहा, “यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है, यह हर एक कलाकार के बारे में है। जब कोई उच्च पदस्थ व्यक्ति शो में आता है, तो वह पूरे कार्यक्रम में बैठता है, क्योंकि वह जानता है कि उसका एक आर्टिस्ट के साथ सम्मानपूर्ण संबंध है।” सोनू ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर किसी से बदला नहीं लेना चाहते, लेकिन आर्टिस्ट के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि वह इस बारे में आवाज उठाएं।
पारिवारिक और सामाजिक सम्मान की अहमियत
Sonu Nigam ने कहा कि यह आर्टिस्ट की आस्था और समर्पण का मुद्दा है, जो कि मंच पर बैठकर अपनी कला को प्रदर्शित करता है। एक कलाकार अपने काम से दूसरों को खुशी और मनोरंजन प्रदान करता है। अगर कार्यक्रम के बीच में कोई उठकर चला जाता है, तो यह उस कलाकार के मनोबल को तोड़ता है।
उन्होंने इस पूरी घटना को एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा और कहा कि इस तरह के मामलों में सार्वजनिक रूप से आवाज उठाना जरूरी है ताकि समाज में एक सकारात्मक बदलाव हो सके।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और फैंस का समर्थन
Sonu Nigam का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, और उनके फैंस ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की। कई लोगों ने इस पर टिप्पणी की कि सोनू निगम ने सच कहा है और इस तरह का बर्ताव पूरी तरह से असम्मानजनक है। वहीं, कुछ लोग इसे राजनीति और आर्टिस्ट के सम्मान के बीच एक बेहतर संतुलन बनाने की आवश्यकता मानते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मान की मिसाल
Sonu Nigam ने कहा कि उन्होंने कई देशों में कॉन्सर्ट किए हैं, और वहां पर कभी ऐसा बर्ताव नहीं देखा। वह उदाहरण देते हुए कहते हैं कि अगर अमेरिका में किसी प्रेसिडेंट या बड़े नेता का कोई कार्यक्रम होता है, तो वह शालीनता से पूरी शो का हिस्सा बनता है, बिना यह सोचे कि उसकी स्थिति क्या है। “यह बर्ताव सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि हर जगह होना चाहिए,” सोनू निगम ने कहा।
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