केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्य वन संरक्षक पी. कातिरवेल और उप वन संरक्षक मानस सिंह उपस्थित रहे। स्काउट्स, एनसीसी कैडेट्स और स्थानीय नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाया।
भरतपुर: 2 अक्टूबर को केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीव सप्ताह-2025 का शुभारंभ उत्साहपूर्ण ढंग से किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में श्री पी. कातिरवेल, मुख्य वन संरक्षक, भरतपुर और श्री मानस सिंह, उप वन संरक्षक (वन्यजीव), भरतपुर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्काउट्स और गाइड्स, एनसीसी कैडेट्स, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, रिक्शा चालक, नेचर गाइड्स और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का समन्वयन क्षेत्रीय वन अधिकारी (फ्लाइंग) श्री भरत लाल वर्मा ने किया।

उद्घाटन अवसर पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स-गाइड्स और वनकर्मियों ने पार्क परिसर को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। इस दौरान 300 से अधिक विद्यालयी बच्चों ने उद्यान का भ्रमण किया और जैव विविधता, पक्षी संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम जैसे निबंध लेखन, चित्रकला, वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति रुचि उत्पन्न करना है।
इस अवसर पर “केओलादेव मित्र कार्यक्रम” का भी शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य वन संरक्षक श्री पी. कातिरवेल की परिकल्पना है, जिसका उद्देश्य भरतपुर के प्रत्येक बालक-बालिका को उद्यान से जोड़कर भविष्य की पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।

मुख्य वन संरक्षक पी. कातिरवेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान केवल भरतपुर ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है। इसे स्वच्छ, संरक्षित और जीवंत बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। उप वन संरक्षक मानस सिंह ने भी बच्चों और प्रतिभागियों से अपील की कि समाज के हर वर्ग को वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।
वन्यजीव सप्ताह के आयोजन से बच्चों में पर्यावरणीय चेतना का विकास होगा और स्थानीय समुदाय उद्यान संरक्षण की प्रक्रिया में और गहराई से जुड़ सकेगा।