गुरुवार को करौली जिला कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर 2024 से शुरू “गिव-अप” अभियान के तहत अब तक 26,07,969 लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ा है, जबकि ई-केवाईसी नहीं कराने पर 27 लाख से अधिक लोगों को योजना से हटाया गया। जिले में 1,17,000 से ज्यादा अपात्र लाभार्थियों को हटाकर 1,03,579 नए पात्र लोगों को जोड़ा गया है।
मंत्री ने कहा कि राज्य में एनएफएसए के तहत 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीलिंग थी, जिसके भर जाने से नए पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस पहल से अब पात्र वंचितों को योजना से जोड़ा जा रहा है। अभियान 31 अगस्त तक चलेगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र लोगों को 5 किलो गेहूं प्रति व्यक्ति, 12 एलपीजी सिलेंडर पर 450 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी, 5 लाख का दुर्घटना बीमा और 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज (मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना) मिलता है। बजट 2025-26 में तय 10 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका है।
मंत्री गोदारा ने लोगों से अपील की कि जो सक्षम हैं, वे स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़कर “गौरव से कहो, मैं सक्षम हूँ” संदेश को समाज में फैलाएं। बैठक में करौली और सपोटरा के विधायक, जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना, विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।