राजस्थान में SIR नहीं, ‘CVR’ चल रहा है; अमित शाह के दौरे के बाद शुरू हुआ नाम काटने का खेल : टीकाराम जूली

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नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को एआईसीसी (AICC) मुख्यालय, दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। जूली ने राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में हो रही भारी धांधली और फर्जीवाड़े को लेकर भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर तीखा प्रहार किया।

SIR नहीं, यह ‘Congress Voter Removal’ अभियान है

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए टीकाराम जूली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान के अंदर SIR नहीं बल्कि CVR (Congress Voter Removal) का खेल चल रहा है। उन्होंने कहा, “जिस तरह बिहार में SIR के नाम पर धांधली के आरोप लगे थे, ठीक वही मॉडल अब राजस्थान में अपनाया जा रहा है। भाजपा हार के डर से जनता का विश्वास खो चुकी है, इसलिए अब ‘वोट की चोट’ से बचने के लिए ‘वोट चोरी’ का सहारा ले रही है।”

अमित शाह के दौरे के बाद अचानक बदले हालात

नेता प्रतिपक्ष ने पूरे घटनाक्रम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया जयपुर दौरे से जोड़ते हुए सनसनीखेज आंकड़े रखे। उन्होंने कहा कि
9 जनवरी तक भाजपा को पूरी वोटर लिस्ट में केवल 4 नाम हटाने लायक मिले थे। लेकिन 10 जनवरी को अमित शाह की गुप्त मंत्रणा और पेन ड्राइव सौंपने के बाद, अचानक 16 जनवरी तक यह आंकड़ा 18,000 पार कर गया। अमित शाह के दौरे के बाद ऐसा क्या हुआ कि अचानक हजारों फॉर्म आ गए? यह ‘डेटा माइनिंग’ दिल्ली से संचालित हो रही है।

जूली ने जो फॉर्म प्राप्त हुए हैं उनकी फोरेंसिक जांच की मांग की है और कहा है कि सारे फॉर्म एक ही स्थान कर छपे हैं। उन्होंने कहा, “मैं चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय से मांग करता हूं कि राजस्थान में जितने भी फॉर्म आए हैं, उन सबकी फोरेंसिक जांच हो। यह पता लगाया जाए कि ये कहां छपे हैं, कौन इन्हें यहां तक पहुंचा कर गया है, तो पूरा दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। हमारा आरोप है कि सारे फॉर्म एक जगह पर छापे गए हैं और वहां से इनको जयपुर पहुंचाया गया है। इनके विधायक, प्रत्याशी और 5-6 मंत्रियों को स्पेशल टास्क दिया गया। उनके माध्यम से इन फॉर्मों को ARO ऑफिस पहुंचाया गया। “

अलवर ग्रामीण और रामगढ़ बना सबूत

जूली ने अपने खुद के विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा, “मेरे क्षेत्र अलवर ग्रामीण में पिछले तीन दिनों में 20,000 से अधिक फॉर्म-7 (आपत्तियां) आए हैं। हैरानी की बात यह है कि ये फॉर्म हाथ से लिखे नहीं, बल्कि कंप्यूटराइज्ड टाइप्ड (Typed) हैं। कोई ग्रामीण टाइप करवाकर फॉर्म नहीं लाता, यह लिस्ट सेंट्रलाइज्ड तरीके से प्रिंट होकर आई है।”

उन्होंने रामगढ़ (अलवर) का जिक्र करते हुए कहा, “रामगढ़ में एक दिन में 1383 फॉर्म आए, वो भी भाजपा के BLA के फर्जी हस्ताक्षरों के साथ। जब उनकी पोल खुली, तो वे मुकर गए। यह साफ तौर पर कूटरचित दस्तावेजों (Forgery) का मामला है।”

संविधान और गरीबों के हक पर हमला

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए जूली ने कहा कि यह गरीबों, दलितों और वंचितों के मताधिकार को छीनने की साजिश है। “अगर भाजपा इसी तरह ‘सिस्टम’ को हाईजैक करती रही, तो भविष्य में चुनाव महज एक औपचारिकता रह जाएंगे।”

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

प्रेस वार्ता के अंत में टीकाराम जूली ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कांग्रेस इस फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “हम इस मामले में जालसाजी (Forgery) का मुकदमा दर्ज करवाएंगे। जो अधिकारी भाजपा के दबाव में यह पाप कर रहे हैं, वे तैयार रहें सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन कानून अपना काम करेगा। हम सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इस लड़ाई को लड़ेंगे।”

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