पात्र गौशालाओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाने और निराश्रित गोवंश की देखभाल पर दिए निर्देश
बूंदी: पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गौशाला संचालकों, पशुपालकों और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री ने बूंदी जिले में संचालित अपात्र गौशालाओं की तहसीलवार समीक्षा करते हुए संचालकों को मापदंडों के अनुरूप गोवंश संख्या बढ़ाने और मूलभूत सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें राज्य सरकार का अनुदान प्राप्त हो सके।
मंत्री ने निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में भर्ती करने, चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने, मृत गोवंश के उठाव, घायल पशुओं के लिए एम्बुलेंस, पेयजल, चारा भंडारण, छाया व चारदीवारी जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करने पर जोर दिया।
उन्होंने मोबाइल वेटरनिटी 1062 हेल्पलाइन, गोशाला विकास योजना, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, पशु टीकाकरण, और लंपी रोग रोकथाम जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी। मंत्री ने कहा कि गाय की सेवा समाज का कर्तव्य है और इससे मिलने वाला गोबर, गोमूत्र और अन्य उत्पाद मानव जीवन के लिए उपयोगी हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, पशु चिकित्सा उपकेंद्र, एमएफडी टीकाकरण, पशुधन विकास कार्यक्रम, भेड़ निष्क्रमण कार्यक्रम और अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, संयुक्त निदेशक डॉ. रामलाल मीणा, जिला मत्स्य विकास अधिकारी डॉ. लखनलाल मीणा सहित कई अधिकारी और गौशाला संचालक उपस्थित रहे।