Dudu Jaipur में सरकारी स्कूल में अंतिम संस्कार: ताला तोड़कर घुसे लोग, 18 साल पुराने श्मशान के दावे से मचा हड़कंप

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मामला स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार माल की ढाणी निवासी 20 वर्षीय बाबू पुत्र रामकरण बागरिया की रविवार को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बताया गया कि बाबू पैदल अपने घर जा रहा था, तभी एक ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद परिजन और समाज के लोग शव को लेकर स्कूल परिसर पहुंच गए। लोगों ने स्कूल का ताला तोड़ा और परिसर के पीछे दरवाजे के पास लगे टीन शेड के नजदीक युवक का अंतिम संस्कार कर दिया।

गार्ड ने रोकने की कोशिश की, नहीं माने लोग

स्कूल की प्रिंसिपल सरिता मीणा के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 2 बजे बड़ी संख्या में लोग युवक का शव लेकर स्कूल पहुंचे थे। स्कूल के गार्ड जगदीश गुर्जर ने उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद उन्होंने स्कूल का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और वहीं अंतिम संस्कार कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। प्रिंसिपल ने बताया कि जिस जगह पर अंतिम संस्कार किया गया, वहां स्कूल के बच्चे खेलते थे। उनके अनुसार यह जमीन वर्ष 2008 में स्कूल के नाम दर्ज हो चुकी है और पिछले करीब 18 वर्षों से यहां किसी तरह का दाह संस्कार नहीं हुआ है।

लोगों ने बताया पुराना श्मशान

दूसरी ओर, अंतिम संस्कार करने पहुंचे लोगों का कहना है कि स्कूल की जमीन का इस्तेमाल पहले उनके समाज के श्मशान के रूप में किया जाता था। उनका दावा है कि बाद में जमीन स्कूल के नाम कर दी गई। इस दावे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है। मामले की वास्तविक स्थिति और जमीन के पुराने रिकॉर्ड की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

तहसीलदार को जांच के आदेश

दूदू SDM गुलाब सिंह वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही स्कूल का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।

नगर पालिका बोर्ड में उठेगा मामला

दूदू नगर पालिका के वार्ड 4 से बीजेपी पार्षद अवधेश शर्मा ने भी मामले को नगर पालिका की बोर्ड बैठक में उठाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 से पहले और उसके बाद भी स्कूल से करीब 200 मीटर दूर स्थित मॉर्च्युरी के पास सार्वजनिक स्थान पर अंतिम संस्कार किया जाता रहा है। उनके अनुसार स्कूल परिसर की जमीन पर पहले कोई श्मशान नहीं था और इस संबंध में कोई राजस्व रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है। पार्षद का कहना है कि जिस जमीन पर युवक का अंतिम संस्कार किया गया, वह वर्तमान में राजकीय मॉडल स्कूल के नाम दर्ज है और पहले इसका इस्तेमाल गोचर भूमि के रूप में होता था। उन्होंने स्कूल परिसर में जबरन प्रवेश और अतिक्रमण की कोशिश को लेकर भी सवाल उठाए। फिलहाल प्रशासन जमीन के पुराने रिकॉर्ड और पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि जमीन के इस्तेमाल को लेकर किया जा रहा दावा कितना सही है और स्कूल का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी।

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