Delhi में बढ़ते प्रदूषण पर SC का गुस्सा, GRAP में देरी को लेकर दिल्ली सरकार को लगाई फटकार

By Editor
6 Min Read

Delhi और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इस समय गंभीर प्रदूषण संकट पैदा हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र को गैस चेंबर के समान महसूस हो रहा है। प्रदूषण के स्तर में अचानक आई वृद्धि के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। विशेष रूप से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे और चौथे चरण को लागू करने में हुई देरी को लेकर दिल्ली सरकार को जमकर लताड़ा गया। कोर्ट ने पूछा, “आपने तीन दिन तक इंतजार क्यों किया?” जब प्रदूषण पहले से गंभीर स्तर तक पहुंच चुका था, तो ऐसे में कार्रवाई में देरी का कारण क्या था?

GRAP-4 लागू, लेकिन सुधार नजर नहीं आ रहा
दिल्ली में प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया था और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर पहुंच चुका था। इसके बाद रविवार को GRAP-4 को लागू करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, GRAP-4 लागू करने के बावजूद स्थिति में तत्काल कोई बदलाव नहीं दिखा। मंगलवार को AQI और बढ़कर 500 के आसपास पहुंच गया। विशेष रूप से दिल्ली के कुछ क्षेत्रों जैसे द्वारका, नजफगढ़, और अन्य इलाके, जहां AQI 500 के करीब रिकॉर्ड किया गया, प्रदूषण के संकट को और बढ़ाते हुए दिख रहे हैं।

दिल्ली और एनसीआर का प्रदूषण संकट
दिल्ली और इसके आसपास के शहरों का प्रदूषण पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली में रविवार को AQI 450 तक पहुंचने के बाद GRAP-4 को लागू किया गया था, लेकिन मंगलवार को औसत AQI और बढ़कर 481 तक पहुंच गया। न केवल दिल्ली, बल्कि एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है। नोएडा में AQI 384, गाजियाबाद में 400, गुरुग्राम में 446, और फरीदाबाद में 336 दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से यह साफ है कि न केवल दिल्ली, बल्कि उसके आसपास के क्षेत्र भी प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

GRAP-4 के प्रभाव में देरी पर सुप्रीम कोर्ट का गुस्सा
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को लागू करने में हुई देरी पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से यह सवाल किया कि जब वायु गुणवत्ता 12 तारीख को ही गंभीर श्रेणी में पहुंच गई थी, तो आपने तीन दिन तक क्यों इंतजार किया? कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि AQI 400 से नीचे भी आता है, तो भी दिल्ली सरकार को GRAP-4 को वापस लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह एक स्पष्ट संकेत है कि अब कोर्ट प्रदूषण के प्रति सख्त रुख अपनाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दिल्ली में स्कूलों और कर्मचारियों के लिए नए आदेश
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेस की ओर शिफ्ट किया गया है। दिल्ली सरकार ने 9वीं तक के सभी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। इसके अलावा, सरकार वर्क फ्रॉम होम की स्थिति पर भी निर्णय लेने की प्रक्रिया में है। ऐसे में कर्मचारियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए, दिल्ली सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि किस प्रकार से सरकारी और निजी कर्मचारियों के लिए घर से काम करने के विकल्प को बढ़ाया जाए।

क्या है GRAP और क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) एक आपातकालीन योजना है, जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा विकसित किया गया है, ताकि प्रदूषण के गंभीर स्तर को नियंत्रित किया जा सके। यह योजना पांच अलग-अलग चरणों में विभाजित है:

  1. ग्रैप-1: यह चरण हलके प्रदूषण के मामलों के लिए होता है, जब AQI 201 से 300 के बीच होता है।
  2. ग्रैप-2: जब AQI 301 से 400 तक होता है, तो इसे लागू किया जाता है।
  3. ग्रैप-3: यह तब लागू होता है जब AQI 401 से 500 के बीच होता है, और इसमें वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए कई कड़े उपाय किए जाते हैं।
  4. ग्रैप-4: जब AQI 500 से ऊपर होता है, तो इसे लागू किया जाता है, और इससे बड़े पैमाने पर सख्त उपाय किए जाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि प्रदूषण की गंभीर स्थिति को लेकर अब किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली सरकार को GRAP-4 को लागू करने में तुरंत कदम उठाने चाहिए थे और इस प्रक्रिया में कोई देरी नहीं करनी चाहिए थी। अब अगर AQI 400 से नीचे भी आता है, तो भी GRAP-4 को हटाने का निर्णय अदालत की अनुमति के बिना नहीं लिया जा सकता।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *