Patna में प्रदर्शनकारी छात्रों का हंगामा
Patna में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं पीटी परीक्षा को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर है। 13 दिसंबर को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन और मल्टिपल सेट क्वेश्चन के प्रावधान लागू किए जाने के खिलाफ सैकड़ों अभ्यर्थी बीपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि परीक्षा “वन डे वन शिफ्ट सिस्टम” के तहत आयोजित की जाए ताकि सभी अभ्यर्थियों के साथ समान व्यवहार हो।
नॉर्मलाइजेशन और मल्टिपल सेट क्वेश्चन पर क्यों है विवाद?
Patna: नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का उद्देश्य विभिन्न शिफ्टों में प्रश्नों के कठिनाई स्तर में संतुलन बनाना होता है। लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहती है और इससे उनके वास्तविक स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, मल्टिपल सेट क्वेश्चन का प्रावधान भी छात्रों के लिए असमंजस का कारण बनता है। उनका मानना है कि वन डे वन शिफ्ट परीक्षा से सभी को समान अवसर मिलेगा।
लाठीचार्ज ने बढ़ाया आक्रोश
Patna: प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। छात्र नेता दिलीप कुमार सहित कई अभ्यर्थी घायल हो गए। पुलिस के बल प्रयोग से छात्र-छात्राओं का गुस्सा और भड़क गया है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी बेली रोड पर डटे हुए हैं और तब तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं जब तक कि आयोग लिखित रूप में उनकी मांगों को मान नहीं लेता।
छात्रों की प्रमुख मांगें
- वन डे वन शिफ्ट सिस्टम: परीक्षा एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में हो।
- नॉर्मलाइजेशन हटाना: स्कोर निर्धारण के लिए नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का उपयोग न किया जाए।
- मल्टिपल सेट क्वेश्चन का विरोध: सभी अभ्यर्थियों को समान प्रश्नपत्र मिले।
प्रदर्शनकारियों का समर्थन बढ़ता जा रहा है
Patna: प्रदर्शन में शामिल छात्रों को विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिल रहा है। उनका कहना है कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
Patna: पुलिस द्वारा बल प्रयोग की घटना ने प्रदर्शनकारियों और संगठनों में नाराजगी बढ़ा दी है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अचानक हुए लाठीचार्ज से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस घटना में कई अभ्यर्थी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को अनसुना करना और इस तरह की कार्रवाई न्यायोचित नहीं है, जिससे आक्रोश और बढ़ गया है।
बीपीएससी की स्थिति
Patna: बीपीएससी ने नॉर्मलाइजेशन और मल्टिपल सेट क्वेश्चन जैसे प्रावधानों पर हो रहे विरोध पर अब तक कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया है। आयोग का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से ये बदलाव लागू किए गए हैं। हालांकि, छात्रों का मानना है कि ये प्रावधान उनके हितों के खिलाफ हैं और परीक्षा में असमानता पैदा करते हैं।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी “वन डे वन शिफ्ट” परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं, जिससे सभी परीक्षार्थियों के लिए समान कठिनाई स्तर सुनिश्चित हो सके। आयोग की चुप्पी छात्रों के आक्रोश को और बढ़ा रही है। पुलिस द्वारा बल प्रयोग ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। प्रदर्शनकारी तब तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं जब तक उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता। मामले की गंभीरता को देखते हुए समाधान जरूरी है।
प्रदर्शन का असर
Patna: बेली रोड पर छात्रों के जमावड़े और हंगामे से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। प्रदर्शन के चलते स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आगे की राह
Patna: छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर आयोग लिखित रूप से आश्वासन नहीं देता, वे पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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