Rajasthan के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को दिए नए दिशा-निर्देश
Rajasthan के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को हर महीने गांव में चार रात्री विश्राम करने और विकास कार्यों की सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के तहत अधिकारियों को फील्ड में जाकर गांवों के समग्र विकास की प्रगति की जांच करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे महीने में एक बार खुली जनसुनवाई भी आयोजित करें, ताकि गांवों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान किया जा सके।
अधिकारियों को दिशा-निर्देश
Rajasthan: शनिवार को राजस्थान के पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने कार्यों का निरीक्षण स्वयं करें और गांवों में जाकर स्थानीय विकास कार्यों का अवलोकन करें। मंत्री ने रात्रि विश्राम के दौरान अधिकारियों को शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक गांव में ही रहने और वहां की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। यह पहल ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरणीय प्रबंधन
Rajasthan: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मंत्री ने अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने और कचरे के निपटान की व्यवस्था को सख्त बनाने की अपील की। उन्होंने खासकर ओडीएफ प्लस, ठोस तरल कचरा प्रबंधन, और बालिका विद्यालयों में पिंक टॉयलेट्स के निर्माण को प्राथमिकता देने की बात की। मंत्री ने प्लास्टिक कचरे के निपटान और प्लास्टिक मैनेजमेंट इकाई स्थापित करने की योजना पर भी जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने गांवों में कचरा परिवहन के लिए वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, पॉलीथिन विक्रय करने वालों को चिह्नित करने और गांवों में बर्तन भंडार बनाने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।
गोवरधन योजना और पट्टा आवंटन अभियान
Rajasthan: मंत्री ने गोवरधन योजना के तहत स्वच्छता मित्रों की नियुक्ति और ग्राम वाइज महिला समूहों को इस अभियान में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि इससे बायोगैस का अधिक उत्पादन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू परिवारों को पट्टा आवंटन अभियान में शामिल करने का निर्देश दिया और कहा कि बसंत पंचमी तक इस कार्य को शत-प्रतिशत पूरा किया जाना चाहिए।
हरियालो राजस्थान अभियान
Rajasthan: राज्य में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की समीक्षा करते हुए श्री दिलावर ने कहा कि वर्तमान में 82 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। उनका कहना था कि नष्ट हुए पौधों के स्थान पर फरवरी माह से नए पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही इन पौधों की निगरानी के लिए 200 पौधों पर एक नरेगा कर्मी नियुक्त करने और 24 घंटे निगरानी करने के लिए एक सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है। उनका लक्ष्य अगले वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का है।
जल स्वावलंबन और जल संरक्षण
Rajasthan: राज्य में जल स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत जल स्तर बढ़ाने के विशेष प्रयास किए जाने पर चर्चा की गई। श्री दिलावर ने तालाबों के जीर्णोद्धार और बंजर भूमि को उपजाऊ भूमि में बदलने के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने तालाबों और केचमेंट क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने और इनकी सुरक्षा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत पानी की बर्बादी को रोकने के लिए बहते नालों को तालाबों की तरफ डायवर्ट करने की सलाह दी गई।
स्वामित्व योजना और डिजिटल सर्वेक्षण
Rajasthan: स्वामित्व योजना के तहत पट्टों के वितरण की प्रक्रिया को एक सतत और समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए श्री दिलावर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वे और मैप निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने की बात की कि पंचायतों के विकास के लिए आवंटित राशि का उपयोग सही मद में किया जाए, न कि किसी अन्य मद में।
विलायती बबूल से चारकोल उत्पादन
Rajasthan: श्री दिलावर ने विलायती बबूल से चारकोल बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने इसके गुण-दोष का अध्ययन करने और इस प्रक्रिया से उत्पन्न लाभों के आधार पर एक ठोस योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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