मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान खनन क्षेत्र में पारदर्शी प्रक्रियाओं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और आधारभूत संरचना के विस्तार के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उद्यमियों से प्रदेश में निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 7 और 5 स्टार रेटिंग वाली खदानों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार रेटिंग प्रणाली खनन गतिविधियों के मूल्यांकन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देती है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में 57 प्रकार के खनिजों का दोहन हो रहा है और राज्य देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में 12% का योगदान देता है। राजस्थान ने प्रधान खनिजों के 100 से अधिक ब्लॉक्स की नीलामी कर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2024–25 में माइनिंग रॉयल्टी से 9,228 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24% अधिक है। उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और तीन विशेष अभियानों की जानकारी दी।
राज्य सरकार ने एम-सैंड नीति लागू कर उद्यमियों को प्रोत्साहन देना शुरू किया है। साथ ही, ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ के तहत 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 7.5 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने खनन को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण का प्रतीक बनाने का आह्वान किया।
समारोह में 7 और 5 स्टार रेटिंग प्राप्त खदानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्र और राज्य के खान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।