Adani Ports ने कोचीन शिपयार्ड से 450 करोड़ रुपये के 8 टग जहाजों का आदेश दिया

By Editor
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Adani Ports ने कोचीन शिपयार्ड से 450 करोड़ रुपये में 8 टग जहाजों का ऑर्डर दिया, समुद्री ढांचे को बढ़ावा देने की योजना

Adani Ports एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने सरकारी विनिर्माण कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) को 450 करोड़ रुपये मूल्य के आठ टग जहाजों का ऑर्डर दिया है। यह कदम भारत के समुद्री ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इन टग जहाजों का इस्तेमाल बंदरगाहों पर बड़े जहाजों को लाने-ले जाने के लिए किया जाता है, जो बंदरगाह संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टग जहाजों की डिलीवरी दिसंबर 2025 से शुरू होने की संभावना है और इसे मई 2028 तक पूरा करने की योजना है। इस कदम से Adani Ports सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूती से दर्शा रहा है।

अडानी समूह की बंदरगाह परिचालन में अग्रणी स्थिति

अडानी समूह भारत में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बंदरगाह ऑपरेटर के रूप में स्थापित है, और उसका पोर्ट संचालन व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है। Adani Ports का यह कदम कंपनी की बंदरगाहों के संचालन के साथ-साथ देश के समुद्री ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोचीन शिपयार्ड से इन टग जहाजों का ऑर्डर देना न केवल अपार संभावनाओं से भरे भारत के समुद्री उद्योग के विकास की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में भी विश्वास को दर्शाता है।

स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भरता का निर्माण

एपीएसईज़ेड के मुताबिक, कोचीन शिपयार्ड के साथ यह साझेदारी भारत में समुद्री बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। Adani Ports के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा, “हमारा लक्ष्य ‘मेक इन इंडिया’ पहल में योगदान करना है, और इस साझेदारी से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हमारे संचालन सुरक्षा और दक्षता के अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करें।”

इस पहल से भारत में स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले टग जहाजों का निर्माण होगा, जो न केवल समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे, बल्कि बंदरगाहों पर कार्यों की गति और दक्षता को भी बढ़ाएंगे। यह कदम समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत खिलाड़ी बनाने के लिए आवश्यक है।

भारत के समुद्री ढांचे को सुदृढ़ करना

भारत का समुद्री क्षेत्र, जो विश्व व्यापार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, अब और अधिक प्रौद्योगिकी और दक्षता की ओर बढ़ रहा है। अडानी पोर्ट्स का यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के बंदरगाहों पर दुनिया के सबसे बड़े जहाजों को सुरक्षित और सुगमता से लाया और निकाला जा सके।

यह पहल भारत के समुद्री ढांचे को न केवल मजबूत बनाएगी, बल्कि देश के बंदरगाह संचालन को और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक और प्रभावी बनाएगी। यह एक प्रमुख कदम है जो भारत को अपने समुद्री उद्योग में आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक है।

Adani Ports की दीर्घकालिक दृष्टि

Adani Ports एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड का यह कदम, जो भारतीय समुद्री उद्योग में सुधार के लिए लगातार काम कर रहा है, भारत के भविष्य को सुरक्षित और सक्षम बनाने की दिशा में एक और मील का पत्थर है। अडानी समूह के पास एक मजबूत नेटवर्क है जो भारत के विभिन्न हिस्सों में बंदरगाहों और अन्य समुद्री बुनियादी ढांचे का संचालन करता है।

इसके साथ ही, यह कदम सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाता है, जहां भारत को अपने समुद्री और औद्योगिक क्षेत्रों में स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन टग जहाजों की स्थानीय निर्माण क्षमता भारतीय प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग की दिशा में एक और कदम है, जो वैश्विक मानकों के साथ मेल खाती है।

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