खान एवं भूविज्ञान विभाग ने राजस्व बढ़ोतरी के लिए आक्रामक रणनीति बनाते हुए रुटिन राजस्व वसूली के साथ ही बकाया राजस्व वसूली और राजस्व के अन्य संभावित स्रोतों पर विशेष फोकस करने का निर्णय लिया है। प्रमुख शासन सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने खनिज भवन में निदेशक माइंस दीपक तंवर सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में राजस्व बकाया वसूली, डेलिनियेशन से ऑक्शन और एलओआई जारी होने से लेकर ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने तक की ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुरानी बकाया राशि, जुर्माना राशि और कोर्ट स्टे को छोड़कर बाकी बकाया की वसूली के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। कोर्ट स्टे मामलों में प्रभावी पैरवी कर स्टे खत्म कर राशि वसूली की जाए। अवैध खनन गतिविधियों के दौरान जुर्माने की राशि की वसूली पर भी जोर दिया गया। इसके लिए एमई और एएमई कार्यालयानुसार मासिक कार्ययोजना और राजस्व अर्जन की पाक्षिक समीक्षा की व्यवस्था होगी।
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि 6 अगस्त तक विभाग ने 2968 करोड़ 11 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। साथ ही एमनेस्टी योजनाओं, पुरानी बकाया राशि और जुर्माना वसूली पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राज्य के माइंस सेक्टर को देश का अग्रणी सेक्टर बनाने पर जोर दे रहे हैं, ताकि एक्सप्लोरेशन से लेकर ऑक्शन और परिचालन तक राजस्थान निवेश, रोजगार और राजस्व संग्रह में अग्रणी बन सके। मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन में विविधता लाने और ब्लॉक तैयार होने तक का रोडमैप बनाकर क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
निदेशक माइंस दीपक तंवर ने कहा कि विभाग का फोकस राजस्व अर्जन पर है और बकाया वसूली के सभी संभावित प्रयास किए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य है। अतिरिक्त निदेशक माइंस महेश माथुर ने कार्ययोजना की जानकारी दी। बैठक में वित्तीय सलाहकार गिरिश कछारा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, जेएलआर गजेन्द्र सिंह, अधीक्षण खनि अभयंताओं में एनएस शक्तावत, प्रताप मीणा, ओपी काबरा, जय गुरुबख्सानी, डॉ. धर्मेन्द्र लोहार, एसपी शर्मा, एमई आसिफ मोहम्मद अंसारी, अनुज गोयल, दीपक गहलोत और एसीपी जयेश नीनामा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।