पटवार संघ और कानूनगो संघ ने लगाया पद के दुरुपयोग और शोषण का आरोप; तहसील का कामकाज ठप, आमजन परेशान
भीलवाड़ा: करेड़ा तहसील में कार्यवाहक तहसीलदार कंचन चौहान के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने सामूहिक हड़ताल शुरू कर दी है, जबकि ग्रामीणों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें हटाने की मांग की है।
राजस्थान पटवार संघ और ऑफिस कानूनगो संघ की उपशाखा करेड़ा ने अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश लेकर तहसील कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू किया। संगठनों ने आरोप लगाया कि कार्यवाहक तहसीलदार कंचन चौहान पद का दुरुपयोग, कर्मचारियों का शोषण और धमकाने जैसी हरकतें कर रही हैं।
संघ की प्रमुख मांगें हैं:
- कंचन चौहान को तत्काल पद से हटाया जाए और नियमित तहसीलदार की नियुक्ति की जाए।
- गिरदावर और पटवारियों के वेतन-भत्तों में की गई अनियमित कटौती की जांच कर राशि लौटाई जाए।
- तहसीलदार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
- यदि उन्हें नहीं हटाया गया, तो सभी पटवारी और गिरदावरों का स्थानांतरण अन्य तहसीलों में किया जाए।
ग्रामीणों ने भी लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि तहसीलदार कंचन चौहान कार्यालय में देर से आती हैं और कुछ घंटे बाद लौट जाती हैं, जिससे आमजन के कार्य बाधित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे अपने पिता के विधायक होने का प्रभाव दिखाती हैं और “विधायक” लिखी नेम प्लेट वाली गाड़ी से दफ्तर आती हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कई बार ज्ञापन देने के बावजूद राजनीतिक संरक्षण के कारण उन्हें अब तक नहीं हटाया गया। उनका व्यवहार आमजन और किसानों के प्रति अपमानजनक और डराने वाला बताया गया है।
कंचन चौहान ने लगाए गए आरोपों को किया खारिज
वहीं, कार्यवाहक तहसीलदार कंचन चौहान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि गिरदावर जसवंत सिंह के खिलाफ कार्यों में लापरवाही के चलते 16 सीसी का नोटिस कलेक्टर को भेजा गया है, जिसकी जांच जारी है। रसूखदारी के सभी आरोप सिर्फ अफवाह हैं।
इस विवाद के चलते करेड़ा तहसील का पूरा प्रशासनिक कामकाज ठप हो गया है और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।