केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शनिवार को स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार देश में मौजूदा आरक्षण व्यवस्था से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करेगी। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुसलमानों को अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का कोटा देकर आरक्षण को कमजोर किया था। इसके अलावा, Amit Shah ने 2026 तक नक्सल हिंसा से देश को मुक्त करने का लक्ष्य रखा और मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच तनाव को हल करने के प्रयासों की भी जानकारी दी। यह लेख Amit Shah के ताजा बयान, सरकार की योजनाओं और राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित है।
मोदी सरकार का आरक्षण पर स्पष्ट रुख
Amit Shah ने यह साफ किया कि मोदी सरकार देश की आरक्षण व्यवस्था में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करेगी। उनके अनुसार, मौजूदा आरक्षण व्यवस्था दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है, और इस पर कोई भी बदलाव सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकता है। सरकार के इस अडिग रुख ने यह संदेश दिया कि आरक्षण का मुद्दा अब राजनीतिक फायदे के लिए नहीं उठाया जाएगा।
कांग्रेस पर हमला
Amit Shah ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि यह पार्टी आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रही थी। उन्होंने विशेष रूप से उस समय का जिक्र किया जब कांग्रेस ने मुसलमानों को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का कोटा प्रदान किया था। शाह का कहना था कि इस फैसले से आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य कमजोर हुआ और वास्तविक लाभार्थियों को इसका फायदा नहीं मिला। इसके माध्यम से शाह ने कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाए और आरक्षण को लेकर उसकी नीति की आलोचना की।
नक्सलवाद के खिलाफ सरकार का रुख
Amit Shah ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद की समस्या से देश को मुक्त करने में सफल हो जाएगी। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को प्राथमिकता दी है। शाह का कहना था कि सरकार नक्सलवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और सुरक्षा बलों को इस दिशा में पूरी तरह से समर्थन दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक सुधारों को बढ़ावा दे रही है, ताकि स्थानीय लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके और नक्सलवाद का समर्थन करने वाले तत्व कमजोर पड़ सकें।
मणिपुर के मुद्दे पर सरकार की पहल
Amit Shah ने मणिपुर में चल रहे तनाव को सुलझाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच शाह ने कहा कि सरकार दोनों समुदायों से बातचीत कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा स्थिति का समाधान जल्द ही निकल आएगा। शाह ने इस मुद्दे पर सरकार की सक्रियता की सराहना की और कहा कि बातचीत के जरिए ही शांति कायम की जा सकती है।
आंतरिक सुरक्षा और शांति के प्रयास
Amit Shah के अनुसार, मोदी सरकार आंतरिक सुरक्षा के मामलों में बेहद गंभीर है और देश में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। नक्सलवाद और मणिपुर जैसे मुद्दों के समाधान के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसके अलावा, शाह ने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों के आधुनिक उपकरणों और तकनीकी समर्थन से नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया जा रहा है।
आरक्षण का भविष्य
Amit Shah का यह बयान आरक्षण के भविष्य को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर एक महत्वपूर्ण मोड़ है। आरक्षण के मुद्दे पर देश में कई बार राजनीतिक बयानबाजी होती रही है, और यह देखा गया है कि कुछ दल इस मुद्दे को अपनी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनाते हैं। शाह ने इस विषय पर सरकार की नीति को स्पष्ट किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मोदी सरकार आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखने के पक्ष में है, और किसी प्रकार के बदलाव का सवाल ही नहीं उठाया जाएगा।
भारत में 5 साल में 7.77 लाख Road Accidents में मौतें, यूपी में सबसे अधिक 1.08 लाख मौतें