प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनाए गए केंद्रीय सचिवालय भवनों में से एक कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उनके साथ केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल भी मौजूद थे। मोदी ने भवन का दौरा किया और वहां पर तैयार की गई सुविधाओं का निरीक्षण भी किया।
कर्तव्य भवन-3 सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जो आधुनिक, कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में प्रतिबद्ध है। यह सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत तैयार किए गए कई ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ भवनों में से पहला है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना और बेहतर शासन को बढ़ावा देना है। सरकार की यह पहल व्यापक प्रशासनिक सुधार एजेंडे की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
यह भवन विभिन्न मंत्रालयों को एक स्थान पर लाकर बेहतर समन्वय, नीति कार्यान्वयन में तेजी और जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा देगा। वर्तमान में कई मंत्रालय पुराने भवनों में काम कर रहे हैं जो 1950 से 1970 के दशक के बीच बने थे, जैसे शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन। ये इमारतें अब जर्जर हो चुकी हैं और रखरखाव में अधिक खर्च होता है। नई इमारतें न केवल कम खर्चीली होंगी, बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता और सुविधा भी बढ़ाएंगी।
कर्तव्य भवन-3 का निर्माण इस तरह से किया गया है कि यह पूरे दिल्ली में फैले विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक जगह लाकर कामकाज में सुधार लाएगा। यह भवन लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें दो बेसमेंट और सात मंजिलें (भूतल सहित) हैं। इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय शामिल होगा।
पर्यावरण के लिहाज से भी यह भवन एक मिसाल है। इसमें जल पुनर्चक्रण की व्यवस्था है जिससे भवन की पानी की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा पूरा होगा। यह भवन पारंपरिक इमारतों की तुलना में 30% कम ऊर्जा की खपत करेगा। इसमें खास किस्म की खिड़कियाँ लगाई गई हैं जो गर्मी को अंदर नहीं आने देतीं और बाहरी शोर को भी रोकती हैं। ऊर्जा बचत के लिए एलईडी लाइटें, स्मार्ट लिफ्टें, सेंसर आधारित स्विच और एक उन्नत बिजली प्रबंधन प्रणाली लगाई गई है।
इसके अलावा, भवन की छत पर लगे सोलर पैनल हर साल 5.34 लाख यूनिट से अधिक बिजली पैदा करेंगे। सोलर वॉटर हीटर भी रोज़ाना की गर्म पानी की ज़रूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करेंगे। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जो भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक सराहनीय कदम है।