Anti Gangster टास्क फोर्स ने 9 साल से फरार चंदन तस्कर को गिरफ्तार किया, आरोपी पर 25 हजार का इनाम था
राजस्थान पुलिस के Anti Gangster टास्क फोर्स (AGTF) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है, जब उसने 9 साल से फरार चल रहे चंदन तस्कर को गिरफ्तार किया। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस के रडार से बचकर अपनी तस्करी की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तारी की यह कार्रवाई Anti Gangster टास्क फोर्स की टीम ने की, जो पश्चिम राजस्थान में सूचना संकलन और तस्करी के मामलों की जांच में जुटी थी।
फरार तस्कर की पहचान और आरोप
गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम कालूराम जाट है, जो उदयपुर जिले के भूपालपुरा थाना क्षेत्र का स्थाई वारंटी है। आरोपी पर बांसवाड़ा जिले में तीन और उदयपुर जिले में चंदन के पेड़ों की चोरी का एक मुकदमा दर्ज है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी था, जो उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा घोषित किया गया था। वह पिछले नौ वर्षों से फरार था और पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ था।
Anti Gangster टास्क फोर्स की कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय की Anti Gangster टास्क फोर्स टीम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एम. एन. के नेतृत्व में काम कर रही थी। पुलिस निरीक्षक राम सिंह नाथावत के निर्देशन में उप निरीक्षक प्रताप सिंह और कांस्टेबल विजय सिंह के साथ-साथ गोपाल लाल की एक टीम ने पश्चिम राजस्थान में सूचना संकलन का कार्य किया। टीम ने कई दिनों तक इलाके में तस्करी से संबंधित जानकारी एकत्र की और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक रणनीति तैयार की।
चंदन तस्करी की बढ़ती समस्या
चंदन की लकड़ी की तस्करी एक गंभीर समस्या बन गई है, खासकर राजस्थान जैसे इलाकों में, जहां चंदन के पेड़ प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं। चंदन की लकड़ी की भारी मांग के कारण तस्करी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। कालूराम जाट जैसे अपराधी इन पेड़ों की अवैध कटाई करते हैं और उन्हें बाजार में बेचते हैं, जिससे वन्यजीवों की रक्षा और पर्यावरण संतुलन को नुकसान पहुंचता है। राजस्थान सरकार और वन विभाग द्वारा चंदन तस्करी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, लेकिन अपराधी इसका फायदा उठाते हुए इस कारोबार में संलिप्त रहते हैं।
कालूराम जाट का अपराधिक इतिहास
कालूराम जाट पर बांसवाड़ा जिले के थाना कोतवाली में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ चंदन के पेड़ों की चोरी से संबंधित कई मामले दर्ज थे। वह विशेष रूप से चंदन की अवैध तस्करी के मामले में शामिल था, जो पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है। आरोपी पर तीन अन्य तस्करी के मामले भी दर्ज हैं, जिसमें उसे चंदन की चोरी का आरोपी ठहराया गया था।
आरोपी का अपराधिक इतिहास देखकर पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कई सुरागों का अनुसरण किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने आरोपों की पुष्टि करने के लिए जांच को आगे बढ़ाया और तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा की। आरोपी के साथ अन्य तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास अब भी जारी हैं।
पुलिस की टीम और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
Anti Gangster टास्क फोर्स की टीम ने गिरफ्तारी के लिए कई अहम कदम उठाए। टीम ने सूचना जुटाने के लिए कई सूत्रों के साथ संपर्क किया और कालूराम जाट के ठिकाने का पता लगाया। पुलिस टीम को जानकारी मिली थी कि आरोपी पश्चिम राजस्थान के किसी इलाके में छिपा हुआ था। इसके बाद, Anti Gangster टास्क फोर्स ने उस इलाके में छापेमारी की और अंततः आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने इस गिरफ्तारी को अपनी बड़ी सफलता माना है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण मिशन था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया और उससे चंदन तस्करी के रैकेट के बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है।
आगे की जांच और कार्रवाई
Anti Gangster टास्क फोर्स अब इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि कालूराम जाट तस्करी के नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं। पुलिस ने आरोपियों के अन्य सहयोगियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, चंदन तस्करी के मामलों में शामिल अन्य अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।
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