राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर रियांबड़ी में निकला ऐतिहासिक संचलन, स्वयंसेवकों का हुआ भव्य स्वागत
नागौर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को कस्बे में ऐतिहासिक और भव्य शताब्दी पथ संचलन का आयोजन हुआ। अनुशासित कदमों से आगे बढ़ते स्वयंसेवकों ने नगर को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
संचलन की शुरुआत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से हुई, जो नगर के प्रमुख मार्गों — सिलावटों का मोहल्ला, सदर बाजार, सुनारों का मोहल्ला, शिव चबूतरा, मंडी, मुख्य बस स्टैंड और बड़ी मस्जिद — से होता हुआ विद्यालय मैदान तक पहुंचा।
रास्ते में नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने घरों की छतों और सड़कों पर खड़े होकर संचलन का स्वागत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संत लक्ष्मण नाथ महाराज तथा प्रांत संस्कार भारती के बौद्धिककर्ता पूनमचंद सुथार मौजूद रहे।
खंड संघ संचालक सत्य नारायण खती और खंड कार्यवाह हनुमान शर्मा ने आयोजन की रूपरेखा बताई।
बौद्धिक सत्र में पूनमचंद सुथार ने कहा कि संगठन की शक्ति से समाज निडर और सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि “संघ व्यक्ति निर्माण और सेवा भावना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रहा है।”
शताब्दी वर्ष के इस आयोजन में नगरवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में लोग रियांबड़ी पहुंचे और संचलन का हिस्सा बने।