झालावाड़ा में मासूमों की मौत से देश का दिल दहल गया था लेकिन लगता है राजस्थान के कुछ जिलों में प्रशासन की आंखें अब भी बंद हैं ये तस्वीरें जालोर जिले की हैं जहां एक और स्कूल दर्दनाक हादसे का इंतजार कर रहा है जालोर जिले की ग्राम पंचायत बासड़ा धनजी के इस राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में जहां पढ़ाई नहीं, ज़िंदगी दांव पर लगी है
टूटी छतें, जर्जर दीवारें और अनदेखी करती सरकार ये हालात किसी भी दिन हादसे में बदल सकते हैं दो साल से लगातार मरम्मत की मांग कर रहे हैं… लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई कब कोई बच्चा घायल होगा या जान जाएगी तब शायद शासन जागेगा चार कमरों की छतें बुरी तरह से टूट चुकी हैं बच्चे रोज इन्हीं के नीचे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं स्कूल ही नहीं… गांव का आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सरकारी भवन भी किसी मुसीबत से कम नहीं हैं
ग्राम पंचायत ने आंगनबाड़ी भवन को गिराने की मंजूरी तक मांगी थी लेकिन आज तक कोई फैसला नहीं हुआ सवाल उठता है – क्या जिम्मेदार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? हमारे बच्चे जान जोखिम में डालकर रोज स्कूल जाते हैं सरकार को क्या किसी की जान जाएगी तब सुध आएगी? विद्यालय प्रशासन और पंचायत दोनों ने कई बार लिखित-अनौपचारिक रूप से अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन नतीजा शून्य। ये लापरवाही नहीं, ये संवेदनहीनता है
सरकार और प्रशासन अगर अब भी नहीं चेते तो यह स्कूल भी किसी बड़े हादसे की तस्वीर बन सकता है सवाल सिर्फ एक है — जिम्मेदारों की नींद आखिर कब खुलेगी? अब जिम्मेदारी प्रशासन की है हम अपडेट इंडिया पर इस मुद्दे को उठाते रहेंगे ताकि कोई और मासूम इस लापरवाही का शिकार ना बने