राजस्थान में दवा आपूर्ति को लेकर बड़ा संकट उत्पन्न होने की संभावना है, क्योंकि राजस्थान केमिस्ट एसोसिएशन ने राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। यह कदम राजस्थान सरकारी स्वास्थ्य योजना (RGHS) के तहत 880 करोड़ रुपये के लंबित भुगतानों और पोर्टल की अनियमितताओं के विरोध में उठाया जा रहा है।एसोसिएशन के अनुसार, सरकार द्वारा लगातार आग्रहों के बावजूद लंबित भुगतानों का निपटारा नहीं किया गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई केमिस्ट अपने मेडिकल स्टोर चलाने में असमर्थ हो गए हैं। कुछ व्यापारियों को बच्चों की स्कूल फीस तक चुकाना मुश्किल हो रहा है, और कई दुकानें बंद होने के कगार पर हैं।
RGHS पोर्टल से करीब 3 लाख से अधिक बिल गायब हो चुके हैं, जिससे भुगतान की प्रक्रिया में भारी अड़चन आ रही है। यह तकनीकी खामी सरकार और केमिस्टों के बीच विश्वास की कमी को और बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने पहले 21 दिनों में भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक 6–7 महीने बीत चुके हैं और भुगतान में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इस देरी से निराश होकर, एसोसिएशन ने राज्यव्यापी आंदोलन और हड़ताल की योजना बनाई है।
यदि हड़ताल होती है तो इसका सीधा असर राज्य के लाखों मरीजों पर पड़ेगा जो RGHS योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं। दवाइयों की संभावित किल्लत से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर गहरा असर पड़ सकता है।राजस्थान केमिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि यह अब सिर्फ एक वित्तीय विवाद नहीं रहा, बल्कि एक सामाजिक और स्वास्थ्य आपदा का रूप ले चुका है। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि भुगतान प्रक्रिया को बहाल किया जा सके और पोर्टल में आवश्यक सुधार किए जाएं।